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Una News: चिंतपूर्णी में रोपवे का अधिशासी अभियंता के समक्ष विरोध
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लोगों ने कहा, रोपवे से खत्म हो जाएगा कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी में रोपवे को लेकर एक बार फिर विरोध शुरू हो गया है। रोपवे लगाने के लिए शुक्रवार को छह स्थानों को रोपवे कंपनी ने चिह्नित किया। बाबा माई दास सदन से मंदिर तक हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से रोपवे स्थापित किया जा रहा है। इसका लोग विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि चिंतपूर्णी में रोपवे लगाए जाने से यहां का कारोबार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। जबकि, चिंतपूर्णी में रोपवे की कोई आवश्यकता नहीं है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को अधिशासी अभियंता दिनकर शर्मा जब साइट पर पहुंचे तो काफी संख्या में लोग माधो टिला पर एकत्रित हो गए। वर्तमान ट्रस्टी विनोद कालिया, चिंतपूर्णी बारीदार सभा के प्रधान रविंद्र छिंदा, पूर्व प्रधान विनोद कुमार, पूर्व ट्रस्ट निरंजन कालिया, पूर्व ट्रस्टी सतीश कालिया, चिंतपूर्णी बिजनेस एसोसिएशन के प्रधान कुंदन गर्ग ने दिनकर शर्मा को बताया कि माधो टिला पर मंदिर प्रशासन के साथ हाईकोर्ट में सहमति बनी कि गांववासियों के आम बर्तन वाली इस जगह पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय तथा सामुदायिक हाल बनाकर तथा बाकी जगह श्रद्धालुओं को बैठने के लिए बनाई जाए। मौके पर देखा गया कि सामुदायिक हाल अभी बनकर तैयार भी नहीं हुआ। हाल के कार्य को रोककर वहां पर रोपवे के पिलर की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि हाल का आधा हिस्सा रोपवे के पिलर के लिए हाईकोर्ट की आदेशों की अवमानना करते हुए मंदिर न्यास ने खुद ही यहां पर रोपवे का पिलर बनाने का प्लान बना दिया। जब लोगों को इस बात का पता चला तो काफी संख्या में लोगों ने इसका विरोध किया। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दिनकर शर्मा ने कहा कि मंदिर न्यास से इस बारे में विचार विमर्श किया जाएगा, तभी आगे का कार्य शुरू किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी में रोपवे को लेकर एक बार फिर विरोध शुरू हो गया है। रोपवे लगाने के लिए शुक्रवार को छह स्थानों को रोपवे कंपनी ने चिह्नित किया। बाबा माई दास सदन से मंदिर तक हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से रोपवे स्थापित किया जा रहा है। इसका लोग विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि चिंतपूर्णी में रोपवे लगाए जाने से यहां का कारोबार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। जबकि, चिंतपूर्णी में रोपवे की कोई आवश्यकता नहीं है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को अधिशासी अभियंता दिनकर शर्मा जब साइट पर पहुंचे तो काफी संख्या में लोग माधो टिला पर एकत्रित हो गए। वर्तमान ट्रस्टी विनोद कालिया, चिंतपूर्णी बारीदार सभा के प्रधान रविंद्र छिंदा, पूर्व प्रधान विनोद कुमार, पूर्व ट्रस्ट निरंजन कालिया, पूर्व ट्रस्टी सतीश कालिया, चिंतपूर्णी बिजनेस एसोसिएशन के प्रधान कुंदन गर्ग ने दिनकर शर्मा को बताया कि माधो टिला पर मंदिर प्रशासन के साथ हाईकोर्ट में सहमति बनी कि गांववासियों के आम बर्तन वाली इस जगह पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय तथा सामुदायिक हाल बनाकर तथा बाकी जगह श्रद्धालुओं को बैठने के लिए बनाई जाए। मौके पर देखा गया कि सामुदायिक हाल अभी बनकर तैयार भी नहीं हुआ। हाल के कार्य को रोककर वहां पर रोपवे के पिलर की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि हाल का आधा हिस्सा रोपवे के पिलर के लिए हाईकोर्ट की आदेशों की अवमानना करते हुए मंदिर न्यास ने खुद ही यहां पर रोपवे का पिलर बनाने का प्लान बना दिया। जब लोगों को इस बात का पता चला तो काफी संख्या में लोगों ने इसका विरोध किया। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दिनकर शर्मा ने कहा कि मंदिर न्यास से इस बारे में विचार विमर्श किया जाएगा, तभी आगे का कार्य शुरू किया जाएगा।
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