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Una News: प्री-प्राइमरी कक्षाओं के संचालन पर प्राथमिक शिक्षक संघ चिंतित
Mon, 20 Jul 2026 12:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:28 AM IST
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जेबीटी शिक्षकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी का बोझ, स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति या वैकल्पिक व्यवस्था जारी रखने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। सरकारी प्राथमिक स्कूलों में चल रही प्री-प्राइमरी कक्षाओं के संचालन को लेकर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला ऊना ने चिंता जताई है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
संघ के जिला अध्यक्ष संदेश कुमार, महासचिव महेश शारदा, कोषाध्यक्ष अजय कुमार और महालेखाकार सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2018 से प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन अभी तक इनके लिए अलग से नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है। वर्तमान में जेबीटी शिक्षक अतिरिक्त कार्यभार के रूप में इन कक्षाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
संघ ने कहा कि शिक्षकों ने अपने स्तर पर कोई अवैध नियुक्ति नहीं की है, बल्कि विभाग द्वारा एसएमसी को दी गई शक्तियों के तहत बच्चों के हित में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
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शिक्षक संघ ने मांग की है कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए जल्द स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। जब तक कोई स्थायी नीति नहीं बनती, तब तक वर्तमान व्यवस्था को जारी रखने की अनुमति दी जाए, ताकि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या प्रभावित न हो। संघ ने चेतावनी दी कि व्यवस्था खत्म होने से अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों की ओर ले जा सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। सरकारी प्राथमिक स्कूलों में चल रही प्री-प्राइमरी कक्षाओं के संचालन को लेकर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला ऊना ने चिंता जताई है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
संघ के जिला अध्यक्ष संदेश कुमार, महासचिव महेश शारदा, कोषाध्यक्ष अजय कुमार और महालेखाकार सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2018 से प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन अभी तक इनके लिए अलग से नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है। वर्तमान में जेबीटी शिक्षक अतिरिक्त कार्यभार के रूप में इन कक्षाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
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संघ ने कहा कि शिक्षकों ने अपने स्तर पर कोई अवैध नियुक्ति नहीं की है, बल्कि विभाग द्वारा एसएमसी को दी गई शक्तियों के तहत बच्चों के हित में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
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शिक्षक संघ ने मांग की है कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए जल्द स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। जब तक कोई स्थायी नीति नहीं बनती, तब तक वर्तमान व्यवस्था को जारी रखने की अनुमति दी जाए, ताकि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या प्रभावित न हो। संघ ने चेतावनी दी कि व्यवस्था खत्म होने से अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों की ओर ले जा सकते हैं।