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मौसम साफ होते ही जिले में शुरू होगी आलू की बिजाई
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ऊना में आलू बिजाई के लिए तैयार किए गए खेत। संवाद
- फोटो : Una
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सोमवार को हुई बारिश ने किसानों के चेहरे पर रौनक ला दी है। आलू की बिजाई की तैयारी कर रहे किसानों को कई दिनों से बारिश का इंतजार था। अब किसान मौसम साफ होते ही आलू की बिजाई में जुट जाएंगे। जमीन में पर्याप्त नमी होने के बाद ही आलू की बिजाई संभव है। ऐसे में उचित समय पर बारिश होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार आलू की बिजाई के लिए इस समय खेतों की साफ सफाई चल रही है। इसके बाद सितंबर माह शुरू होते ही बिजाई प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी, लेकिन जिले में बीते दो सप्ताह से संतोषजनक बारिश न होने के कारण जमीन सूख चुकी थी। खेतों की जुताई और उसके बाद आलू की बिजाई के लिए पर्याप्त मात्रा में नमी की दरकार थी, जो बारिश होने से पूरी हो गई। किसानों ने आलू का बीज खरीद लिया है और अब खाद और कीटनाशकों की खरीद की जा रही है।
किसान देसराज, किशोरी लाल, हरजिंदर सैनी ने बताया कि इस बार आलू का बीज महंगा है और बिजाई में थोड़ी सी भी लापरवाही से हजारों का नुकसान हो सकता है। ऐसे में बिजाई से पहले बारिश का इंतजार था। सोमवार को हुई बारिश के बाद अब वे बिजाई के लिए तैयार हैं। बता दें कि जिले के कई किसानों के लिए आलू की फसल आय का एक मुख्य स्रोत है। यहां 2,000 हेक्टेयर के आसपास आलू की फसल लगाई जाता है। यह फसल केवल सिंचाई व्यवस्था वाले क्षेत्रों में ही होती है।
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आलू की बजिाई के लिए पर्याप्त नमी की आवश्यकता रहती है। सोमवार को हुई बारिश सही समय पर हुई है। बारिश के मौसम में आलू के बीज को पानी से बचाएं। इससे बीज में सड़न पैदा हो सकती है।
-कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग
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ऊना। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सोमवार को हुई बारिश ने किसानों के चेहरे पर रौनक ला दी है। आलू की बिजाई की तैयारी कर रहे किसानों को कई दिनों से बारिश का इंतजार था। अब किसान मौसम साफ होते ही आलू की बिजाई में जुट जाएंगे। जमीन में पर्याप्त नमी होने के बाद ही आलू की बिजाई संभव है। ऐसे में उचित समय पर बारिश होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार आलू की बिजाई के लिए इस समय खेतों की साफ सफाई चल रही है। इसके बाद सितंबर माह शुरू होते ही बिजाई प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी, लेकिन जिले में बीते दो सप्ताह से संतोषजनक बारिश न होने के कारण जमीन सूख चुकी थी। खेतों की जुताई और उसके बाद आलू की बिजाई के लिए पर्याप्त मात्रा में नमी की दरकार थी, जो बारिश होने से पूरी हो गई। किसानों ने आलू का बीज खरीद लिया है और अब खाद और कीटनाशकों की खरीद की जा रही है।
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किसान देसराज, किशोरी लाल, हरजिंदर सैनी ने बताया कि इस बार आलू का बीज महंगा है और बिजाई में थोड़ी सी भी लापरवाही से हजारों का नुकसान हो सकता है। ऐसे में बिजाई से पहले बारिश का इंतजार था। सोमवार को हुई बारिश के बाद अब वे बिजाई के लिए तैयार हैं। बता दें कि जिले के कई किसानों के लिए आलू की फसल आय का एक मुख्य स्रोत है। यहां 2,000 हेक्टेयर के आसपास आलू की फसल लगाई जाता है। यह फसल केवल सिंचाई व्यवस्था वाले क्षेत्रों में ही होती है।
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आलू की बजिाई के लिए पर्याप्त नमी की आवश्यकता रहती है। सोमवार को हुई बारिश सही समय पर हुई है। बारिश के मौसम में आलू के बीज को पानी से बचाएं। इससे बीज में सड़न पैदा हो सकती है।
-कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग