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Una News: जिले में आलू की बिजाई ने पकड़ा जोर, बारिश ने बढ़ाई चिंता
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बादलों के बीच किसानों ने बिजाई का लिया जोखिम, बुधवार को खराब रहा मौसम
जिले के 1000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर होना है आलू की बिजाई का काम
किसान 1300 रुपये प्रति क्विंटल तक कर रहे हैं आलू बीज की खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में आलू की बिजाई का दौर शुरू हो चुका है। किसान मुर्गी खाद का छिड़काव करने के बाद तेजी से बिजाई कार्य में जुट गए हैं। हालांकि, दिन में कई बार मौसम खराब होने से उनकी चिंता बनी हुई है। राहत की बात यह है कि इस सप्ताह अब तक बारिश नहीं हुई है। इस बार जिले में लगभग 1000 हेक्टेयर भूमि पर आलू की बिजाई होगी। स्वां नदी से प्रभावित और जलभराव वाले क्षेत्रों के किसान बिजाई से दूरी बनाए हुए हैं। किसानों ने आलू का बीज पंजाब के जालंधर और अन्य इलाकों से लगभग 1300 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा है। पिछले वर्ष इसकी कीमत 1500 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक थी, लेकिन इस बार कीमतें कम होने के बावजूद बारिश से हुए नुकसान के कारण किसानों को खास लाभ नहीं मिलेगा।
खेतों तक पहुंचना चुनौती
किसान मदन कुमार, रविंद्र कुमार, अजय कुमार, रोहित कुमार, हरजीत सैनी व राम प्रसाद सहित अन्य का कहना है कि भारी बारिश से खेतों को जाने वाले रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई जगहों पर पैदल पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। किसान अपने स्तर पर रास्तों को दुरुस्त करने में लगे हुए हैं ताकि समय पर बिजाई कर सकें। उन्होंने सरकार व प्रशासन से नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा देने की भी मांग की।
बिजाई से पहले नमी पर ध्यान दें
कृषि उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने बताया कि रेतीली भूमि वाले खेतों में बिजाई के लिए पर्याप्त नमी लौट आई है। खेतों की जुताई के एक दिन बाद आलू की बिजाई की जा सकती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बिजाई से पहले मिट्टी की नमी अवश्य जांचें, क्योंकि अत्यधिक नमी आलू की फसल के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
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जिले के 1000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर होना है आलू की बिजाई का काम
किसान 1300 रुपये प्रति क्विंटल तक कर रहे हैं आलू बीज की खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में आलू की बिजाई का दौर शुरू हो चुका है। किसान मुर्गी खाद का छिड़काव करने के बाद तेजी से बिजाई कार्य में जुट गए हैं। हालांकि, दिन में कई बार मौसम खराब होने से उनकी चिंता बनी हुई है। राहत की बात यह है कि इस सप्ताह अब तक बारिश नहीं हुई है। इस बार जिले में लगभग 1000 हेक्टेयर भूमि पर आलू की बिजाई होगी। स्वां नदी से प्रभावित और जलभराव वाले क्षेत्रों के किसान बिजाई से दूरी बनाए हुए हैं। किसानों ने आलू का बीज पंजाब के जालंधर और अन्य इलाकों से लगभग 1300 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा है। पिछले वर्ष इसकी कीमत 1500 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक थी, लेकिन इस बार कीमतें कम होने के बावजूद बारिश से हुए नुकसान के कारण किसानों को खास लाभ नहीं मिलेगा।
खेतों तक पहुंचना चुनौती
किसान मदन कुमार, रविंद्र कुमार, अजय कुमार, रोहित कुमार, हरजीत सैनी व राम प्रसाद सहित अन्य का कहना है कि भारी बारिश से खेतों को जाने वाले रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई जगहों पर पैदल पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। किसान अपने स्तर पर रास्तों को दुरुस्त करने में लगे हुए हैं ताकि समय पर बिजाई कर सकें। उन्होंने सरकार व प्रशासन से नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा देने की भी मांग की।
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बिजाई से पहले नमी पर ध्यान दें
कृषि उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने बताया कि रेतीली भूमि वाले खेतों में बिजाई के लिए पर्याप्त नमी लौट आई है। खेतों की जुताई के एक दिन बाद आलू की बिजाई की जा सकती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बिजाई से पहले मिट्टी की नमी अवश्य जांचें, क्योंकि अत्यधिक नमी आलू की फसल के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
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