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Una News: आलू प्रोसेसिंग संयंत्र से फसल को मिलेगें बेहतर दाम

Tue, 18 Mar 2025 04:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Mar 2025 04:58 PM IST
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Potato processing plant will give better price to the crop
धोखाधड़ी खत्म होने की भी आस जगी
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किसानों ने कहा, मात्र घोषणा तक सीमित न रहे सरकार की परियोजना
जल्द परियोजना पर काम शुरू करने की उठाई मांग
सिंचाई सुविधा वाले इलाकों में बड़े स्तर पर लगाई जाती है आलू की फसल

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। प्रदेश सरकार ने अपने बजट में आलू का गढ़ कहे जाने वाले ऊना जिला को बड़ी सौगात दी है। यहां करीब 20 करोड़ रुपये से आलू प्रोसेसिंग संयंत्र स्थापित किया जाएगा। संयंत्र की प्रति घंटा 500 किलो आलू प्रसंस्करण की क्षमता होगी। किसानों ने इसका स्वागत किया और कहा कि जल्द इस परियोजना का कार्य शुरु किया जाए। परियोजना मात्र घोषणा तक सीमित न रहे। संयंत्र लगने से उन्हें आलू की बिक्री के लिए दूरदराज की मंडियों में नहीं जाना पड़ेगा और फसल खरीद के दौरान उनके साथ होने वाली धोखाधड़ी में भी कमी आएगी।
ऊना में एक वर्ष में दो बार आलू की फसल तैयार होती है। एक दो माह और दूसरी चार माह वाली। कुल मिलाकर दोनों फसलें 15000 हेक्टेयर जमीन पर तैयार होती है। इस फसल ने बीते सालों में कई किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ की। खासकर हरोली और गगरेट इलाके के किसानों के लिए यह आय का बड़ा साधन है।
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फसल की बिक्री के लिए किसानों को पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली का रुख करना पड़ता है। इससे किसानों को खासी परेशानी होती है और सही दाम भी नहीं मिल पाते। वहीं, खेतों में फसल खरीदने पहुंचे कई बाहरी व्यापारी अच्छे दाम का लालच देकर किसानों के साथ धोखाधड़ी कर जाते हैं। बीते वर्ष कई ऐसे मामले सामने आए हैं। यह बात प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तक पहुंची। इसके बाद उन्होंने इस समस्या के हल के लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन भी किया। इस बीच अब बजट में आलू प्रोसेसिंग संयंत्र की घोषणा की गई। ---
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किसान विनोद कुमार, रविंद्र, देसराज, मदन लाल, अश्वनी ठाकुर, सतविंद्र सिंह, दविंद्र ठाकुर ने बताया कि आलू की फसल के लिहाज से यह ऐतिहासिक फैसला है। उनके लिए आय के नए द्वार खुलेंगे और आसानी से अपने जिले में अच्छे दाम पर फसल बेच पाएंगे। आलू की फसल के दाम औसतन 800 से 3000 प्रति क्विंटल के भारी अंतर के बीच रहते हैं। कब मंडी में दाम बढ़ेंगे या घटेंगे, कोई कह नहीं सकता। इसका खामियाजा किसानों का भुगतना पड़ता है।
बता दें कि आलू प्रसंस्करण संयंत्र एक ऐसा संयंत्र है जहां आलू को विभिन्न खाद्य उत्पादों और उप-उत्पादों में बदलने के लिए विभिन्न प्रसंस्करण तकनीकों का उपयोग किया जाता है। आलू को धोकर चिप्स, फ्राइज़ या अन्य वांछित आकार में काटा जाता है। इसके बाद आलू को विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजारते हुए कई उत्पाद तैयार किए जाते हैं।


कोट्स
आलू प्रसंस्करण संयंत्र किसानों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी। ऊना में स्वां नदी के आसपास बड़ी मात्रा में आलू तैयार होता है। किसान इस फसल को तैयार करने के माहिर हैं। उन्हें केवल फसल के अच्छे दाम मिलने की चिंता रहती थी जो प्लांट स्थापित होने के साथ समाप्त हो जाएगी।
डॉ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, कृषि विभाग ऊना
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