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Una News: मालिक स्वेच्छा से आधार कार्ड के साथ लिंक करवाएं अपनी जमीन

Sat, 18 Jan 2025 08:10 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jan 2025 08:10 PM IST
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Owners should voluntarily link their land with Aadhaar card.
एडीसी बोले-जमीन को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए पटवारी से करें संपर्क
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कृषि लोन मिलने में होगी आसानी, भूमि अभिलेख जीआईएस मैपिंग के साथ होंगे डिजिटल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ऊना महेंद्र पाल गुर्जर ने जिले के सभी भू-मालिकों से जमीन से संबंधित खातों को स्वेच्छा से आधार कार्ड के साथ लिंक कराने का आग्रह किया है। इस प्रक्रिया के लिए जिलावासी संबंधित हलका पटवारी से संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान आधार से लिंक मोबाइल नंबर अवश्य साथ रखें ताकि जमीन को आधार से लिंक करते समय पंजीकृत मोबाइल पर आने वाले ओटीपी को दर्ज करने में आसानी रहे। भू-आधार के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जितनी भी भूमि है, उसे 14 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। इसे भू-आधार के नाम से पहचाना जाता है। इस प्रक्रिया में भूमि की पहचान संख्या के साथ उसका मानचित्रण, सर्वे, मालिकाना और किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इससे कृषि लोन मिलने में आसानी हो जाएगी। इसके अलावा उनको दूसरी कृषि सुविधाएं भी आसानी से मिल सकेंगी। वहीं, शहरी क्षेत्रों में जो जमीन है, उनके भूमि अभिलेखों को जीआईएस मैपिंग के साथ डिजिटल किया जाएगा।

बेनामी सौदे और फर्जीवाड़े पर लगेगा विराम : अजय
जिला राजस्व अधिकारी ऊना अजय कुमार सिंह का कहना है कि जमीन आधार कार्ड से लिंक होने से बेनामी सौदों और फर्जीवाड़े पर भी विराम लगेगा। जमीन आधार कार्ड से लिंक होने की सूरत में खरीद फरोख्त की सारी जानकारी कहीं पर भी बैठ कर प्राप्त कर सकेंगे। सरकार की इस पहल का लोगों को काफी फायदा होगा और डिजिटल युग में यह कारगर कदम है। उन्होंने कहा कि लोग समय रहते इसके साथ जुडें।
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ऐसे काम करता है भू-आधार



इसमें पहले जीपीएस तकनीक की मदद लेकर जमीन का जियो टैग किया जाता है। इसके बाद सर्वेक्षण करने वाले भूमि की सीमा का भौतिक सत्यापन और माप करते हैं। इसके बाद रिकॉर्ड एकत्रित किया जाता है। इसे भूमि रिकॉर्ड मैनेजमेंट सिस्टम में दाखिल किया जाता है। इसके बाद सिस्टम अपने आप भू-खंड के लिए 14 अंकों का भू-आधार संख्या तैयार करता है। यह भू-आधार संख्या डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ा होता है।
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