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ऊना में 15 सितंबर तक खनन पर पाबंदी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में बरसात के मौसम में नदियों और खड्डों में प्राकृतिक पानी का बड़ी मात्रा में बहाव होता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिले भर में 15 सितंबर खनन पर पाबंदी लगा दी गई है।
जानकारी के अनुसार जिले में स्वां नदी समेत विभिन्न खड्डें बरसात के मौसम में प्राकृतिक पानी का एक बड़ा स्रोत बन जाती हैं। इस दौरान अगर कोई खनन करता पकड़ा गया तो विभाग उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। यह फैसला पर्यावरण मंत्रालय के आदेश के बाद लिया गया है। गौर हो कि खनन पर पाबंदी लगने के बाद रेत और बजरी की मांग बढ़ती है और इससे दामों में भी उछाल आ जाता है। ऐसे में कई लोग लालच में आकर रात के अंधेरे में खनन को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। अब विभाग ऐसे लोगों पर पैनी नजर रखेगा और अगर कोई ऐसी गतिविधि करता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
जिले में 20 से ज्यादा माइनिंग लीज सरकार की तरफ से दी गई। इससे सरकार को लाखों रुपये राजस्व के रूप में आते हैं। बरसात में रेत की मांग ज्यादा होने के चलते अक्सर चोरी छुपे खनन भी आशंका बनी रहती है।
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खास बात यह भी है कि बरसात में जिले के मैदानी इलाकों में मकानों और अन्य इमारतों के निर्माण कार्य जोरों पर होते हैं। लोगों को इमारतों के लिए पानी की व्यवस्था कम करनी पड़ती है।
वहीं, जिला खनन अधिकारी नीरजकांत ने बताया कि 15 सितंबर तक जिले भर में खनन पर सख्ती से रोक लगाई गई है। कहा कि कोई भी इन आदेशों का उल्लंघन न करे, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
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ऊना। जिले में बरसात के मौसम में नदियों और खड्डों में प्राकृतिक पानी का बड़ी मात्रा में बहाव होता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिले भर में 15 सितंबर खनन पर पाबंदी लगा दी गई है।
जानकारी के अनुसार जिले में स्वां नदी समेत विभिन्न खड्डें बरसात के मौसम में प्राकृतिक पानी का एक बड़ा स्रोत बन जाती हैं। इस दौरान अगर कोई खनन करता पकड़ा गया तो विभाग उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। यह फैसला पर्यावरण मंत्रालय के आदेश के बाद लिया गया है। गौर हो कि खनन पर पाबंदी लगने के बाद रेत और बजरी की मांग बढ़ती है और इससे दामों में भी उछाल आ जाता है। ऐसे में कई लोग लालच में आकर रात के अंधेरे में खनन को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। अब विभाग ऐसे लोगों पर पैनी नजर रखेगा और अगर कोई ऐसी गतिविधि करता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
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जिले में 20 से ज्यादा माइनिंग लीज सरकार की तरफ से दी गई। इससे सरकार को लाखों रुपये राजस्व के रूप में आते हैं। बरसात में रेत की मांग ज्यादा होने के चलते अक्सर चोरी छुपे खनन भी आशंका बनी रहती है।
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खास बात यह भी है कि बरसात में जिले के मैदानी इलाकों में मकानों और अन्य इमारतों के निर्माण कार्य जोरों पर होते हैं। लोगों को इमारतों के लिए पानी की व्यवस्था कम करनी पड़ती है।
वहीं, जिला खनन अधिकारी नीरजकांत ने बताया कि 15 सितंबर तक जिले भर में खनन पर सख्ती से रोक लगाई गई है। कहा कि कोई भी इन आदेशों का उल्लंघन न करे, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।