फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Mid-day meal workers did not get two months' salary, it was difficult to survive

Una News: मिड-डे मील कर्मियों को नहीं मिला दो माह का वेतन, गुजारा मुश्किल

Sat, 12 Apr 2025 06:11 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Apr 2025 06:11 PM IST
विज्ञापन
Mid-day meal workers did not get two months' salary, it was difficult to survive
कर्मचारियों ने कहा, वेतन पहले ही कम, वह भी समय पर नहीं मिलता
विज्ञापन

अभी भी कर्मियों को 3500 रुपये वेतन के तौर पर मिल रहे
सरकार की ओर से बढ़ाई गई राशि शत-प्रतिशत कर्मियों को नहीं मिली
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश के मिड-डे मील कर्मियों को बीते दो माह से वेतन जारी नहीं हुआ। वेतन प्राप्त न होने से कर्मचारियों का गुजारा मुश्किल हो चुका है। कई कर्मियों के बच्चे स्कूलों में पढ़ाई कर रहे। उनके लिए दाखिला करवाना, किताबें और वर्दी की खरीद करने में खासी परेशानी हो रही। कर्मियों का कहना है कि पहले ही वेतन राशि बेहद कम है। वह भी समय पर नहीं मिलेगी तो गुजारा कैसे करेंगे।
जानकारी के अनुसार राज्य में वर्ष 2002 से मिड-डे मील की योजना आठवीं कक्षा तक शुरू की गई। ऊना जिला में कुल 1365 मिड-डे मील कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों को हर महीने 3500 रुपये राज्य सरकार की ओर से और 1000 केंद्र सरकार की ओर से घोषित हैं। लेकिन, मात्र 3500 रुपये ही खाते में आते हैं। बढ़ाई हुई राशि तो दूर पुराने वेतन की राशि भी तीन से चार माह की देरी से खातों में आती है। मिड-डे मील कर्मचारी लगभग गरीब तबके के ही लोग होते हैं। इनका वेतन थोड़ा होने के बावजूद वे बड़ी मुश्किल से अपने घर का जीवन यापन करते हैं। बताया जा रहा कि मिड-डे मील कर्मियों को जनवरी तक ही वेतन मिला है। इसके बाद की राशि नहीं मिली। मिड-डे मील कर्मचारियों में रामकुमारी, शशिदेवी, दीनानाथ, रामपाल, अरुण देवी का कहना है कि हमें न तो बढ़ा हुआ पिछला वेतन मिला, केवल 3500 रुपये ही हमें अब तक मिल रहे। वह भी समय पर नहीं आते। कायदे से बढ़ाई गई राशि के साथ 5000 रुपये तक वेतन बनता है। उन्होंने सरकार से मांग उठाई है कि बढ़े हुए वेतन के साथ समय पर राशि जारी की जाए ताकि उन्हें परिवार के साथ आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। सीटू के प्रधान गुरनाम सिंह का कहना है कि सरकार को गरीब की मदद सबसे पहले करनी चहिए। एक तो वेतन पहले ही कम है। दूसरा समय पर भी नहीं मिलता। सरकार की ओर से घोषित किया और उसके बाद बढ़ाया गया वेतन भी नहीं मिला। इसमें देरी नहीं की जानी चाहिए।
विज्ञापन

---
उप शिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोम लाल धीमान ने कहा कि जैसे-जैसे विभाग की ओर से बजट प्राप्त होता है तुरंत ही उसे रिलीज किया जाता है। मिड-डे मील कर्मियों का लंबित वेतन भी आते ही जारी कर दिया जाएगा। जबकि बढ़ी हुई राशि भी हमारे पास पहुंचते ही उसे आगे जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed