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Una News: पर्यावरण को सहेजने में अंबोटा के युवाओं का संदेश आओ पेड़ लगाएं
Mon, 08 Jul 2024 03:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 08 Jul 2024 03:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। विकास खंड गगरेट के अंबोटा गांव के युवाओं ने प्रकृति के महत्व को समझा है। पहले प्रचंड गर्मी के बीच प्यासे घूम रहे जंगली जानवरों के लिए जंगल का तालाब भरा और अब बरसात के मौसम में इस तालाब को हरा9भरा बनाने का बीड़ा उठाकर पौधारोपण अभियान को धरातल पर उतार रहे हैं।
जाहिर है कि प्रकृति को सहेजने के लिए जरूरी नहीं कि सरकारी मदद की ही दरकार हो या फिर कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं का मुंह ताका जाए। इसके लिए ज्यादा पढ़े-लिखे होने की भी जरूरत नहीं है। जरूरी है तो प्रकृति के प्रति संवेदनाओं की। भले ही अभी भी ज्यादातर लोग प्रकृति के महत्व से अनभिज्ञ हैं, लेकिन कई युवा अब प्रकृति के महत्व को समझते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए स्वेच्छा से आगे आ रहे हैं। इसके चलते अंबोटा गांव के राजीव ठाकुर के दिमाग में जंगली जानवरों के लिए पानी का बंदोबस्त करने की तरकीब सूझी। उसने अपने साथियों के साथ जंगल का तालाब पानी से भरने का निर्णय लिया। देखते ही देखते राजीव ठाकुर का यह आइडिया इतना वायरल हुआ कि कई गांवों में युवा जंगली जानवरों के लिए पानी का बंदोबस्त करने के लिए आगे आए। अब राजीव ठाकुर अपने साथियों के साथ जंगली जानवरों को प्राकृतिक वास को और घना करने में जुटे हैं।
बरसात के इस मौसम में राजीव ठाकुर व उनके साथी जंगल के उसी तालाब के पास नीम, आंवला, शीशम जैसे पौधे लगा रहे हैं, ताकि कल को ये पेड़ बनकर बिगड़ रहे प्राकृतिक संतुलन को फिर से स्थापित कर सकें। रविवार को यहां जेसीबी से जमीन समतल कर पौधे लगाने में जुटे रहे।
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गगरेट (ऊना)। विकास खंड गगरेट के अंबोटा गांव के युवाओं ने प्रकृति के महत्व को समझा है। पहले प्रचंड गर्मी के बीच प्यासे घूम रहे जंगली जानवरों के लिए जंगल का तालाब भरा और अब बरसात के मौसम में इस तालाब को हरा9भरा बनाने का बीड़ा उठाकर पौधारोपण अभियान को धरातल पर उतार रहे हैं।
जाहिर है कि प्रकृति को सहेजने के लिए जरूरी नहीं कि सरकारी मदद की ही दरकार हो या फिर कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं का मुंह ताका जाए। इसके लिए ज्यादा पढ़े-लिखे होने की भी जरूरत नहीं है। जरूरी है तो प्रकृति के प्रति संवेदनाओं की। भले ही अभी भी ज्यादातर लोग प्रकृति के महत्व से अनभिज्ञ हैं, लेकिन कई युवा अब प्रकृति के महत्व को समझते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए स्वेच्छा से आगे आ रहे हैं। इसके चलते अंबोटा गांव के राजीव ठाकुर के दिमाग में जंगली जानवरों के लिए पानी का बंदोबस्त करने की तरकीब सूझी। उसने अपने साथियों के साथ जंगल का तालाब पानी से भरने का निर्णय लिया। देखते ही देखते राजीव ठाकुर का यह आइडिया इतना वायरल हुआ कि कई गांवों में युवा जंगली जानवरों के लिए पानी का बंदोबस्त करने के लिए आगे आए। अब राजीव ठाकुर अपने साथियों के साथ जंगली जानवरों को प्राकृतिक वास को और घना करने में जुटे हैं।
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बरसात के इस मौसम में राजीव ठाकुर व उनके साथी जंगल के उसी तालाब के पास नीम, आंवला, शीशम जैसे पौधे लगा रहे हैं, ताकि कल को ये पेड़ बनकर बिगड़ रहे प्राकृतिक संतुलन को फिर से स्थापित कर सकें। रविवार को यहां जेसीबी से जमीन समतल कर पौधे लगाने में जुटे रहे।
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