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Una News: प्रगतिशील किसानों की मक्की मंडियों में पहुंची, गैरसिंचित इलाकों में अभी बिजाई ही शुरू नहीं

Thu, 27 Jun 2024 02:04 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Thu, 27 Jun 2024 02:04 AM IST
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Maize of progressive farmers reached the markets, sowing has not yet started in non-irrigated areas.
घालूवाल में मक्की की फसल की कटाई करते हुए।संवाद
गीली मक्की के 2000 और सूखी के ढाई से तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे दाम
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संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिला के कुछ प्रगतिशील किसानों ने मक्की की फसल तैयार कर उसे मंडियों में बेच भी दिया। वहीं, अधिकतर इलाकों में मक्की अभी 50 प्रतिशत तक ही तैयार हुई है, लेकिन हरोली क्षेत्र के कुछ किसानों ने सिंचाई सुविधा का लाभ लेते हुए फसल तैयार कर उसकी कटाई भी कर दी।
जानकारी के अनुसार जिला के अधिकतर किसान मक्की की फसल तैयार करने के बाद पंजाब की होशियारपुर मंडी में बिक्री करने जाते हैं। वर्तमान में होशियारपुर मंडी में मक्की के गीले दानों के दाम करीब 2000 रुपये और सूखी मक्की के 2500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल कर मिल रहे हैं। हालांकि अभी कुछ एक किसान ही अपनी फसल की बिक्री करने गए हैं। उनके अलावा अन्य किसान अभी फसल को तैयार कर रहे हैं। खास बात यह भी है कि एक ओर जहां सिंचाई सुविधा वाले इलाकों में किसानों ने मक्की की फसल तैयार कर दी है, तो वहीं गैरसिंचित इलाकों में किसानों को अभी भी बारिश का इंतजार है। यानी अभी बिजाई प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई है।
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बता दें कि मक्की के गीले दानों का इस्तेमाल पोल्ट्री फार्मों में मुर्गों की खुराक के लिए होता है। इसके अलावा गीली मक्की को भूनकर भी बेचा जाता है। इसके अलावा सूखी मक्की का इस्तेमाल रोटी सहित अन्य उत्पादों को तैयार करने में किया जाता है। हालांकि ऊना जिला में मक्की की थोक में खरीद के लिए सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते किसानों को पड़ोसी राज्य पंजाब की मंडियों में फसल बेचनी पड़ती है।
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कोट्स
ऊना जिला में लगभग 2000 हेक्टेयर भूमि पर मक्की की फसल उगाई जा रही है। इसके अलावा गैरसिंचित इलाकों में बरसात की शुरुआत में बिजाई होगी। यहां मक्की की फसल का अच्छी मात्रा में उत्पादन होता है। हालांकि कई बार यह फसल मौसम की विपरीत परिस्थितियों और बीमारी की चपेट में आती है तो किसानों को नुकसान का डर रहता है। किसान किसी भी समस्या के समाधान या परामर्श के लिए कृषि विभाग से संपर्क करें।
डाॅ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग
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