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अरणी मंथन से प्रज्जवलित की अग्नि

Sat, 21 Nov 2015 07:38 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ऊना
ब्यूरो, अमर उजाला/ऊना Updated Sat, 21 Nov 2015 07:38 PM IST
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Lit fire by wood rubbing ritual at Rudraneand Dera

प्रसिद्ध धार्मिक स्थल डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम नारी में पंच भीष्म पर्व पर चल रहे कोटि गायत्री महायज्ञ में अरणी मंथन किया गया। यज्ञ शाला में डेरा के अधिष्ठाता एवं वेदांताचार्य श्रीश्री 1008 सुग्रीवानंद महाराज के नेतृत्व में वैदिक मंत्रों से अग्नि प्रज्जवलित हुई।

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बनारस से आए आचार्य दीपशंकर ने यज्ञशाला में विधिवत पूजा करवाई। दोपहर करीब सवा एक बजे अग्नि प्रज्जवलित करने के लिए अरणी मंथन प्रकिया शुरू की। इस दौरान विद्वानों ने मंत्रोच्चारण किया। माचिस के बजाय सूखी लड़कियों को आपस में घिसाकर अग्नि प्रज्जवलित की गई।
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एक लकड़ी को नीचे रखा गया और ऊपर से गोलनुमा लकड़ी की मधानी बनाकर घुमाया गया। सुग्रीवानंद महाराज ने भी अग्नि प्रज्जवलित करने के लिए मधानी चलाई। दोपहर करीब डेढ़ बजे अरणी मंथन से यज्ञशाला की अग्नि प्रज्जवलित हुई। इस प्रक्रिया को देखने के लिए यज्ञशाला में हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। इसके बाद अग्नि प्रज्जवलित होने पर इसे हवन कुंड में स्थापित किया गया।
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इसके साथ आहुतियां डालने का सिलसिला शुरू हुआ। सुग्रीवानंद महाराज के शिष्य आचार्य हेमानंद, तिलकराज शास्त्री, प्रो. इंद्रदत्त उनियाल, अमेरिका से आए एनआरआई एवं प्रमुख समाजसेवी राजेश शर्मा समेत कई अन्य भक्त भी उपस्थित रहे।

प्रो. इंद्रदत उनियाल ने बताया कि अरणी मंथन की परंपरा ऋषि-मुनियों के समय से प्रचलित है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशक से आश्रम में लगातार अरणी मंथन हो रहा है। डेरा में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने अखंड धूने पर शीश नवाया और महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।


हजारों ने टेका माथा

सुग्रीवानंद महाराज यज्ञशाला के बाद शाम तीन बजे अखंड धूने पर पधारे। इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं ने अखंड धूने पर शीश नवाया और महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। दोपहर को वृंदावन से आए कथावाचक राकेश शास्त्री ने प्रवचन दिए। इसके बाद श्रद्धालुओं ने लंगर में प्रसाद ग्रहण किया।

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