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नहीं मिल पाई भूमि, प्रदेश के पहले एफएसटीपी प्लांट का कार्य लटका
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ऊना। हिमाचल प्रदेश में पहला एफएसटीपी (अपशिष्ट जल एवं मलयुक्त गाद प्रबंधन प्लांट) प्लांट लगाने की प्रक्रिया भूमि न मिलने के कारण अधर में लटक गई है। प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर भूमि की तलाश की, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते प्लांट लगाने के लिए सहमति नहीं बन पाई है। आलम यह है कि आचार संहिता लगने तक इस प्लांट के लिए कोई स्थान चिन्हित नहीं हो पाया।
ग्रामीण विकास विभाग व स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले इस प्लांट पर करीब 70 लाख रुपये खर्च किया जाएगा। नगर परिषद ऊना और नगर परिषद मैहतपुर के बीच पड़ने वाले पंचायत क्षेत्रों की सुविधा के लिए इस प्लांट का निर्माण किया जाना है। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते यह योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है।
बता दें कि पंचायत क्षेत्रों में लोग सेप्टिक टैंक का ही प्रयोग करते हैं। इनको खाली कर निकलने वाली मलयुक्त गाद को खाली जगह, खड्ड अथवा नालों में फैंका जाता है। इससे कई गंभीर रोग पैदा होने के साथ जल स्रोतों दूषित होते हैं। इस पर लगाम लगाने के लिए और लोगों को सुविधा के लिए ही एफएसटीपी प्लांट स्थापित करने की योजना तैयार की थी। लेकिन भूमि न मिलने के कारण इसकी प्रक्रिया ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है।
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एडीसी अमित शर्मा ने बताया कि नगर परिषद ऊना और नगर परिषद मैहतपुर के बीच में पड़ने वाले पंचायत क्षेत्रों में एफएसटीपी प्लांट स्थापित करने के लिए प्रक्रिया चलाई गई, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण प्लांट के लिए कोई भी स्थान चयनित नहीं हो पाया। इसके चलते यह योजना अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई।
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ग्रामीण विकास विभाग व स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले इस प्लांट पर करीब 70 लाख रुपये खर्च किया जाएगा। नगर परिषद ऊना और नगर परिषद मैहतपुर के बीच पड़ने वाले पंचायत क्षेत्रों की सुविधा के लिए इस प्लांट का निर्माण किया जाना है। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते यह योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है।
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बता दें कि पंचायत क्षेत्रों में लोग सेप्टिक टैंक का ही प्रयोग करते हैं। इनको खाली कर निकलने वाली मलयुक्त गाद को खाली जगह, खड्ड अथवा नालों में फैंका जाता है। इससे कई गंभीर रोग पैदा होने के साथ जल स्रोतों दूषित होते हैं। इस पर लगाम लगाने के लिए और लोगों को सुविधा के लिए ही एफएसटीपी प्लांट स्थापित करने की योजना तैयार की थी। लेकिन भूमि न मिलने के कारण इसकी प्रक्रिया ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है।
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एडीसी अमित शर्मा ने बताया कि नगर परिषद ऊना और नगर परिषद मैहतपुर के बीच में पड़ने वाले पंचायत क्षेत्रों में एफएसटीपी प्लांट स्थापित करने के लिए प्रक्रिया चलाई गई, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण प्लांट के लिए कोई भी स्थान चयनित नहीं हो पाया। इसके चलते यह योजना अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई।