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Una News: जोल में मक्की पर फॉल आर्मीवर्म का बढ़ा प्रकोप
Thu, 16 Jul 2026 12:25 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 16 Jul 2026 12:25 AM IST
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चकसराय (ऊना)। जिला ऊना की उपतहसील जोल क्षेत्र में मक्की की फसल पर फॉल आर्मीवर्म (सुंडी) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। फसल को बचाने के लिए किसान खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव कर रहे हैं।
मौसम साफ होते ही कई किसान सुबह से ही खेतों में पहुंचकर फसल की देखभाल में जुट गए हैं, किसानों का कहना है कि यदि समय रहते सुंडी पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो मक्की के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। स्थानीय किसान जोगिंद्र सिंह ने बताया कि खरीफ और गेहूं सहित अधिकांश फसलों में अब हाईब्रिड बीजों का प्रयोग बढ़ गया है लेकिन इनके साथ रोगों और कीटों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले किसान अपने घरों में सुरक्षित रखे देसी बीजों की ही बुवाई करते थे। उन बीजों में रोगों का प्रकोप बहुत कम होता था और कीटनाशकों पर अतिरिक्त खर्च भी नहीं करना पड़ता था। अब बीज, खाद और दवाइयों की बढ़ती कीमतों के कारण खेती लगातार महंगी होती जा रही है और पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। एक ओर उत्पादन लागत बढ़ रही है तो दूसरी ओर मौसम की अनिश्चितता और कीटों का प्रकोप किसानों की आर्थिक परेशानियां बढ़ा रहा है। कृषि प्रसार अधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि फॉल आर्मीवर्म की रोकथाम के लिए किसान नियमित रूप से अपने खेतों का निरीक्षण करें। यदि फसल में सुंडी दिखाई दे तो अनुशंसित मात्रा में कोरोजिन का छिड़काव करें।
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मौसम साफ होते ही कई किसान सुबह से ही खेतों में पहुंचकर फसल की देखभाल में जुट गए हैं, किसानों का कहना है कि यदि समय रहते सुंडी पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो मक्की के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। स्थानीय किसान जोगिंद्र सिंह ने बताया कि खरीफ और गेहूं सहित अधिकांश फसलों में अब हाईब्रिड बीजों का प्रयोग बढ़ गया है लेकिन इनके साथ रोगों और कीटों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले किसान अपने घरों में सुरक्षित रखे देसी बीजों की ही बुवाई करते थे। उन बीजों में रोगों का प्रकोप बहुत कम होता था और कीटनाशकों पर अतिरिक्त खर्च भी नहीं करना पड़ता था। अब बीज, खाद और दवाइयों की बढ़ती कीमतों के कारण खेती लगातार महंगी होती जा रही है और पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। एक ओर उत्पादन लागत बढ़ रही है तो दूसरी ओर मौसम की अनिश्चितता और कीटों का प्रकोप किसानों की आर्थिक परेशानियां बढ़ा रहा है। कृषि प्रसार अधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि फॉल आर्मीवर्म की रोकथाम के लिए किसान नियमित रूप से अपने खेतों का निरीक्षण करें। यदि फसल में सुंडी दिखाई दे तो अनुशंसित मात्रा में कोरोजिन का छिड़काव करें।
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