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डिजाइन थिंकिंग को पाठ्यक्रम में शामिल करने से बढ़ेगी रचनात्मकता : डॉ. सुधीर

Sun, 13 Jul 2025 12:25 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jul 2025 12:25 AM IST
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Incorporating design thinking into the curriculum will increase creativity: Dr. Sudhir
ऊना में दो दिवसीय सीबीडीई कार्यशाला का समापन पर मौजूद पदाधिकारी व प्रशिक्षु। स्रोत संस्थान
क्षमता निर्माण कार्यशाला में ट्रिपल आईटी समेत देशभर के विभिन्न संस्थानों के 40 फैकल्टी ने भाग लिया
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संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। डिजाइन और इंजीनियरिंग के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण (सीबीडीई) कार्यशाला का समापन सत्र शनिवार को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) ऊना में हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य फैकल्टी सदस्यों की डिजाइन और इंजीनियरिंग संबंधी क्षमताओं को बढ़ाना रहा। यह एक ज्ञानवर्धक और रोचक शैक्षणिक कार्यक्रम के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यशाला में कई प्रमुख अतिथियों ने भाग लिया। डिजाइन शिक्षा विशेषज्ञ और कार्यशाला के मुख्य संसाधन व्यक्ति डॉ. सुधीर वरदराजन, सीबीडीई मेंटर डॉ. एचएस जटाना और ट्रिपल आईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर शामिल रहे। दो दिन तक चली इस कार्यशाला में ट्रिपल आईटी ऊना और देशभर के विभिन्न संस्थानों से आए कुल 40 फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया। डिजाइन थिंकिंग, आधुनिक शिक्षण विधियां और समूह में सीखने पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों ने चर्चा, समूह गतिविधियां और ज्ञान साझा करने में उत्साहपूर्वक भाग लिया। सीबीडीई परियोजना की प्रमुख अन्वेषक डॉ. तनु वधेरा ने कार्यशाला पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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डॉ. सुधीर वरदराजन ने बताया कि कैसे डिजाइन थिंकिंग को आधुनिक पाठ्यक्रमों में शामिल करना छात्रों में रचनात्मकता, समस्या सुलझाने की क्षमता और व्यावहारिक समझ को बढ़ाता है। डॉ. एचएस जटाना ने सीबीडीई पहल की दीर्घकालिक सोच को साझा किया। इलेक्ट्रॉनिक्स स्कूल के प्रमुख और सह-प्रमुख अन्वेषक डॉ. अंकुर कुमार ने कहा कि यह कार्यशाला हमारे विभाग की शिक्षण पद्धतियों और नवाचार को बढ़ावा देने, अकादमिक तथा औद्योगिक जगत के बीच संबंध मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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ट्रिपल आईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने इस बात पर जोर दिया कि संस्थान लगातार अकादमिक और औद्योगिक क्षेत्र के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि फैकल्टी को आधुनिक शिक्षण विधियों से लैस किया जा सके।
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