{"_id":"66e60ef5bacc4671260e6405","slug":"half-complete-construction-of-drains-roads-becoming-dilapidated-during-rainy-season-una-news-c-93-1-una1001-133125-2024-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: आधे-अधूरे नालों का निर्माण, बरसात में सड़कें हो रहीं खस्ताहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: आधे-अधूरे नालों का निर्माण, बरसात में सड़कें हो रहीं खस्ताहाल
Sun, 15 Sep 2024 04:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 15 Sep 2024 04:02 AM IST
विज्ञापन
आरटीओ कार्यलय से ऊना को जाने वाली के किनारे नाले न होने के चलते खराब हुई सड़क। संवाद
ऊना। जिले में बरसात के बीच बारिश के पानी से अधिकतर सड़कें लबालब भर जाती हैं। इससे आपदा को प्रबंधन करने के दावे पानी-पानी दिखते हैं। बीते वर्षों में सबक लेकर यहां जलभराव को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंधन के बजाय परिस्थितियां बिगड़ती चली गईं।
इसका उदाहरण शहर से लेकर गांव को जोड़ने वाली सड़कों में देखने को मिलता है। इन सड़कों किनारे नालों का उचित रूप से न होना भी जलमग्न हो रही सड़कों की मुख्य वजह बन रहा है। जिले में अधिकांश सड़क बिना नाले के देखी जा सकती हैं, तो कहीं आधे-अधूरे नालों के साथ काम चलाया गया है। इससे पानी सड़क पर बहता दिखता है या फिर यहां से आगे बढ़कर लोगों के घरों में घुस जाता है। इस दौरान सड़क पर आवागमन भी किसी खतरे से कम नहीं रहता है। अगर सड़क किनारे नाले पूरी तरह तैयार हों तो पानी इन नालों के माध्यम से सीधा खड्डों और स्वां नदी में जाएगा। इससे जलभराव की समस्या से बड़ी राहत भी मिलेगी, लेकिन आज दिन तक यह व्यवस्था पूरी तरह अमलीजामा पहनाए जाने की राह ताक रही है। इस दिशा में सरकारों से लेकर लोक निर्माण विभाग, एनएच विंग जैसी इकाइयां भी ढीली कार्रवाई से आगे बढ़ रही हैं, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। फिलहाल आधे-अधूरे नालों की व्यवस्था के साथ ऊना-संतोषगढ़ मार्ग, ऊना-पीर निगाह एनएच, ऊना गगरेट मार्ग, हरोली-टाहलीवाल, अंब व बंगाणा उपमंडल के कई ग्रामीण एवं मुख्य मार्गों के किनारे नालों के निर्माण की स्थिति आधी-अधूरी ही है। वर्षों गुजर जाने के बाद भी इस दिशा में व्यापाक स्तर पर विभागीय एवं सरकारी स्तर पर कोई उचित कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। यही अव्यवस्था सड़कों, घरों, गली-मोहल्लों के बीच जलभराव की समस्या को पैदा कर रही है। हालांकि कई स्थानों पर निजी भूमि मालिकों की ओर से जमीन न देना भी विभागीय चुनौती है।
-- -
वैसे तो विभाग की ओर से हर सड़क किनारे नालों का निर्माण करना तय किया गया है। कई स्थानों पर निजी भूमि मालिक या निजी भूमि विवाद के कारण नाले नहीं बन पाते, इसलिए लोग भी इस दिशा में सहयोग के लिए आगे आएं।
विज्ञापन
-इंजी. हर्ष पुरी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, ऊना
विज्ञापन
इसका उदाहरण शहर से लेकर गांव को जोड़ने वाली सड़कों में देखने को मिलता है। इन सड़कों किनारे नालों का उचित रूप से न होना भी जलमग्न हो रही सड़कों की मुख्य वजह बन रहा है। जिले में अधिकांश सड़क बिना नाले के देखी जा सकती हैं, तो कहीं आधे-अधूरे नालों के साथ काम चलाया गया है। इससे पानी सड़क पर बहता दिखता है या फिर यहां से आगे बढ़कर लोगों के घरों में घुस जाता है। इस दौरान सड़क पर आवागमन भी किसी खतरे से कम नहीं रहता है। अगर सड़क किनारे नाले पूरी तरह तैयार हों तो पानी इन नालों के माध्यम से सीधा खड्डों और स्वां नदी में जाएगा। इससे जलभराव की समस्या से बड़ी राहत भी मिलेगी, लेकिन आज दिन तक यह व्यवस्था पूरी तरह अमलीजामा पहनाए जाने की राह ताक रही है। इस दिशा में सरकारों से लेकर लोक निर्माण विभाग, एनएच विंग जैसी इकाइयां भी ढीली कार्रवाई से आगे बढ़ रही हैं, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। फिलहाल आधे-अधूरे नालों की व्यवस्था के साथ ऊना-संतोषगढ़ मार्ग, ऊना-पीर निगाह एनएच, ऊना गगरेट मार्ग, हरोली-टाहलीवाल, अंब व बंगाणा उपमंडल के कई ग्रामीण एवं मुख्य मार्गों के किनारे नालों के निर्माण की स्थिति आधी-अधूरी ही है। वर्षों गुजर जाने के बाद भी इस दिशा में व्यापाक स्तर पर विभागीय एवं सरकारी स्तर पर कोई उचित कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। यही अव्यवस्था सड़कों, घरों, गली-मोहल्लों के बीच जलभराव की समस्या को पैदा कर रही है। हालांकि कई स्थानों पर निजी भूमि मालिकों की ओर से जमीन न देना भी विभागीय चुनौती है।
विज्ञापन
वैसे तो विभाग की ओर से हर सड़क किनारे नालों का निर्माण करना तय किया गया है। कई स्थानों पर निजी भूमि मालिक या निजी भूमि विवाद के कारण नाले नहीं बन पाते, इसलिए लोग भी इस दिशा में सहयोग के लिए आगे आएं।
विज्ञापन
-इंजी. हर्ष पुरी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, ऊना

आरटीओ कार्यलय से ऊना को जाने वाली के किनारे नाले न होने के चलते खराब हुई सड़क। संवाद