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Una News: मंदिरों और घरों में आज विराजेंगे गणपति बप्पा मोरया
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दस दिन तक होगी पूजा-अर्चना, फिर धूमधाम से होगा विसर्जन
मराठा काल से गणेश पूजन और विसर्जन की चली आ रही प्रथा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मैहतपुर ( ऊना )। गणेश चतुर्थी पर्व की शुरुआत आज हो गई है। लोग घरों और मंदिरों में गणपति बप्पा को विराजमान कर दस दिन तक विधिवत पूजा करेंगे। अनंत चतुर्दशी पर धूमधाम से विसर्जन होगा। गणेश जी को बुद्धि, ज्ञान और समृद्धि का देवता माना गया है तथा हर शुभ कार्य से पहले उनका पूजन होता है। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ भाईचारे और एकता का संदेश देता है। वशिष्ठ ज्योतिष सदन के अध्यक्ष पं. शशिपाल डोगरा के अनुसार गणेश चतुर्थी की शुरुआत मराठा राजा शिवाजी ने की थी। धीरे-धीरे यह पर्व पूरे देश में लोकप्रिय हुआ और हिमाचल में भी धूमधाम से मनाया जाता है।
पूजा सामग्री के दाम स्थिर
मैहतपुर के पंसारी सतीश कुमार ने बताया कि पूजा सामग्री के दामों में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। पं. गोपाल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि इन दस दिनों में विधिपूर्वक पूजन से गणेश जी प्रसन्न होते हैं। उन्हें लड्डू का भोग विशेष प्रिय है। वे रिद्धि-सिद्धि के स्वामी और समृद्धि दाता हैं। रायपुर सहोड़ा के रामेश्वर शिव मंदिर में भी गणेश जी विराजमान होंगे। दस दिन तक पूजा के बाद सतलुज घाट पर हर्षोल्लास से विसर्जन किया जाएगा।
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मराठा काल से गणेश पूजन और विसर्जन की चली आ रही प्रथा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मैहतपुर ( ऊना )। गणेश चतुर्थी पर्व की शुरुआत आज हो गई है। लोग घरों और मंदिरों में गणपति बप्पा को विराजमान कर दस दिन तक विधिवत पूजा करेंगे। अनंत चतुर्दशी पर धूमधाम से विसर्जन होगा। गणेश जी को बुद्धि, ज्ञान और समृद्धि का देवता माना गया है तथा हर शुभ कार्य से पहले उनका पूजन होता है। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ भाईचारे और एकता का संदेश देता है। वशिष्ठ ज्योतिष सदन के अध्यक्ष पं. शशिपाल डोगरा के अनुसार गणेश चतुर्थी की शुरुआत मराठा राजा शिवाजी ने की थी। धीरे-धीरे यह पर्व पूरे देश में लोकप्रिय हुआ और हिमाचल में भी धूमधाम से मनाया जाता है।
पूजा सामग्री के दाम स्थिर
मैहतपुर के पंसारी सतीश कुमार ने बताया कि पूजा सामग्री के दामों में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। पं. गोपाल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि इन दस दिनों में विधिपूर्वक पूजन से गणेश जी प्रसन्न होते हैं। उन्हें लड्डू का भोग विशेष प्रिय है। वे रिद्धि-सिद्धि के स्वामी और समृद्धि दाता हैं। रायपुर सहोड़ा के रामेश्वर शिव मंदिर में भी गणेश जी विराजमान होंगे। दस दिन तक पूजा के बाद सतलुज घाट पर हर्षोल्लास से विसर्जन किया जाएगा।
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