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घनारी में स्वां नदी के किनारे आग से 18 झुग्गियां राख
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घनारी में आग की चपेट में आने से राख हुई झुग्गियां। संवाद
- फोटो : Una
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दौलतपुर चौक (ऊना)। क्षेत्र के घनारी गांव में स्वां नदी के किनारे रविवार दोपहर करीब एक बजे आग लगने से 18 झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। हादसे के बाद यहां रहने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए रोजी रोटी और रहने का संकट हो गया है। बताया जा रहा है कि अचानक सुलगी आग ने देखते ही देखते रौद्र रूप धारण कर लिया और प्रवासी मजदूरों की झुग्गियां को जलाकर राख कर दिया। पीड़ित मजदूरों ने समय रहते अपने बच्चों को बचा लिया, अन्यथा हादसा बड़ा भी हो सकता था। झुग्गियों के ऊपर गुजरते बिजली के तार भी आग की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि आग की चपेट में आई झुग्गियां सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बनाई गई थीं।
जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर करीब एक बजे घनारी के औद्योगिक क्षेत्र के साथ बनाई गई झुग्गी-झोपड़ियों में अचालक आग लग गई। इस हादसे से प्रवासी मजदूरों के साथ बिजली विभाग को भी नुकसान पहुंचा है। घटना की सूचना मिलते ही समय रहते विद्युत कर्मियों ने बिजली सप्लाई बंद कर दी अन्यथा हादसा और भयंकर हो सकता था। अभी आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही चिंतपूर्णी एवं अंब से मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की गाड़ियों व स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस हादसे में करीब डेढ़ से दो लाख तक का नुकसान संभावित है। हालांकि अभी प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है। बताया जा रहा है कि घनारी में आग की चपेट में आई झुग्गियां सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बनाई गई थीं। बीते दिनों झुग्गियां हटाने को लेकर स्थानीय प्रशासन व पंचायत ने प्रवासी मजदूरों को नोटिस भी जारी किया था। लेकिन अभी तक झुग्गियों की नहीं हटाया गया। इन झुग्गियों पर रहने वाले अधिकतर मजदूर औद्योगिक क्षेत्र में काम करते थे।
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एक मजदूर ने रखे थे 15 हजार रुपये
ग्राम पंचायत घनारी के प्रधान सरदार कर्म सिंह ने बताया कि अगर स्थानीय लोग व अग्निशमन की गाड़ियां समय पर न पहुंचते तो आग का कहर और बढ़ सकता था। उन्होंने बताया कि इस आग से प्रवासी मजदूर शंभू साहनी, रमेश साहनी, रामनाथ साहनी, नितलेश पासवान, अजीत साहनी, तित्तर साहनी, बुधना साहनी, रामधारी पासवान, अनिल साहनी, दिलीप साहनी, भारत साहनी, गणेश साहनी, प्रकाश, उमेश साहनी, शंभू ठाकुर, रणजीत साहनी, महेश साहनी एवं सत्यनारायण की झुग्गियां जल गई हैं। मजदूर रामधारी के अनुसार उसके 15000 रुपये आग में जल गए जबकि अन्य मजदूरों ने भी नकदी, राशन, कपड़े, बिस्तर एवं अन्य सामान जलने की बात कही है।
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स्वयंसेवी संस्थाओं के की राहत कार्यों में मदद
क्षेत्र की स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्यों ने राहत कार्यों में मदद की। उन्होंने प्रशासन से शीघ्रातिशीघ्र पीड़ित मजदूरों को फौरी सहायता एवं राशन प्रदान करने की मांग की है।
कोट्स
प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है। इसके साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं एवं समाजसेवियों के माध्यम से पीड़ित मजदूरों को सहायता प्रदान की जा रही है। - रोहित कंवर, तहसीलदार घनारी
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जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर करीब एक बजे घनारी के औद्योगिक क्षेत्र के साथ बनाई गई झुग्गी-झोपड़ियों में अचालक आग लग गई। इस हादसे से प्रवासी मजदूरों के साथ बिजली विभाग को भी नुकसान पहुंचा है। घटना की सूचना मिलते ही समय रहते विद्युत कर्मियों ने बिजली सप्लाई बंद कर दी अन्यथा हादसा और भयंकर हो सकता था। अभी आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
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घटना की सूचना मिलते ही चिंतपूर्णी एवं अंब से मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की गाड़ियों व स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस हादसे में करीब डेढ़ से दो लाख तक का नुकसान संभावित है। हालांकि अभी प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है। बताया जा रहा है कि घनारी में आग की चपेट में आई झुग्गियां सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बनाई गई थीं। बीते दिनों झुग्गियां हटाने को लेकर स्थानीय प्रशासन व पंचायत ने प्रवासी मजदूरों को नोटिस भी जारी किया था। लेकिन अभी तक झुग्गियों की नहीं हटाया गया। इन झुग्गियों पर रहने वाले अधिकतर मजदूर औद्योगिक क्षेत्र में काम करते थे।
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एक मजदूर ने रखे थे 15 हजार रुपये
ग्राम पंचायत घनारी के प्रधान सरदार कर्म सिंह ने बताया कि अगर स्थानीय लोग व अग्निशमन की गाड़ियां समय पर न पहुंचते तो आग का कहर और बढ़ सकता था। उन्होंने बताया कि इस आग से प्रवासी मजदूर शंभू साहनी, रमेश साहनी, रामनाथ साहनी, नितलेश पासवान, अजीत साहनी, तित्तर साहनी, बुधना साहनी, रामधारी पासवान, अनिल साहनी, दिलीप साहनी, भारत साहनी, गणेश साहनी, प्रकाश, उमेश साहनी, शंभू ठाकुर, रणजीत साहनी, महेश साहनी एवं सत्यनारायण की झुग्गियां जल गई हैं। मजदूर रामधारी के अनुसार उसके 15000 रुपये आग में जल गए जबकि अन्य मजदूरों ने भी नकदी, राशन, कपड़े, बिस्तर एवं अन्य सामान जलने की बात कही है।
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स्वयंसेवी संस्थाओं के की राहत कार्यों में मदद
क्षेत्र की स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्यों ने राहत कार्यों में मदद की। उन्होंने प्रशासन से शीघ्रातिशीघ्र पीड़ित मजदूरों को फौरी सहायता एवं राशन प्रदान करने की मांग की है।
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प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है। इसके साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं एवं समाजसेवियों के माध्यम से पीड़ित मजदूरों को सहायता प्रदान की जा रही है। - रोहित कंवर, तहसीलदार घनारी