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Una News: किसानों ने गैरकानूनी बंदोबस्त को बंद करने की लगाई गुहार
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भू व्यवस्था अधिकारी से मिले लाल सिंगी के किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति के अध्यक्ष इंजीनियर बलवीर चौधरी के नेतृत्व में गांव लाल सिंगी के किसान भू व्यवस्था अधिकारी धर्मशाला से मिले। उन्होंने भू व्यवस्था अधिकारी से महाल लाल सिंगी में चल रहे गैरकानूनी बंदोबस्त को बंद करने और खरीदा गया रकबा पूरा करने की गुहार लगाई। किसानों ने भू व्यवस्था अधिकारी से कहा कि जो राजस्व अभिलेख महाल लाल सिंगी में तैयार किया जा रहा, उसमें उनको वह जमीन उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है, यहां उनका पिछले 50 साल से कब्जा है। किसानों के कहा कि वित्तायुक्त एवं सचिव राजस्व हिमाचल प्रदेश ने 13-5-2008 को भू व्यवस्था अधिकारी धर्मशाला को आदेश दिए थे कि महाल लाल सिंगी का बंदोबस्त कब्जा मौका के आधार पर किया जाए। यहां का लट्ठा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका तथा पढ़ने योग्य नहीं। असल मुसावी व मोमी तहसील व जिला कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। किसानों ने भू व्यवस्था अधिकारी को यह भी बताया कि उन्होंने जो जमीन 50 साल पहले खरीदी और इस जमीन पर अभी भी उनका कब्जा है, इस जमीन का रकबा बंदोबस्त विभाग पूरा नहीं कर रहा। पंजीकृत रजिस्ट्रियों के अनुसार राजस्व विभाग को किसानों का रकबा पूरा करना चाहिए था। दुर्भाग्यवश राजस्व विभाग किसानों का रकबा पूरा नहीं कर रहा है। विभाग ने 927 तकसीम का हवाला देकर पीड़ित किसानों का रकबा कम कर दिया है। 927 तकसीम को हाईकोर्ट ने सही माना है। कहा कि यदि महाल लाल सिंगी का कानूनी बंदोबस्त नहीं होता है तो पीड़ित किसान आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति के अध्यक्ष इंजीनियर बलवीर चौधरी के नेतृत्व में गांव लाल सिंगी के किसान भू व्यवस्था अधिकारी धर्मशाला से मिले। उन्होंने भू व्यवस्था अधिकारी से महाल लाल सिंगी में चल रहे गैरकानूनी बंदोबस्त को बंद करने और खरीदा गया रकबा पूरा करने की गुहार लगाई। किसानों ने भू व्यवस्था अधिकारी से कहा कि जो राजस्व अभिलेख महाल लाल सिंगी में तैयार किया जा रहा, उसमें उनको वह जमीन उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है, यहां उनका पिछले 50 साल से कब्जा है। किसानों के कहा कि वित्तायुक्त एवं सचिव राजस्व हिमाचल प्रदेश ने 13-5-2008 को भू व्यवस्था अधिकारी धर्मशाला को आदेश दिए थे कि महाल लाल सिंगी का बंदोबस्त कब्जा मौका के आधार पर किया जाए। यहां का लट्ठा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका तथा पढ़ने योग्य नहीं। असल मुसावी व मोमी तहसील व जिला कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। किसानों ने भू व्यवस्था अधिकारी को यह भी बताया कि उन्होंने जो जमीन 50 साल पहले खरीदी और इस जमीन पर अभी भी उनका कब्जा है, इस जमीन का रकबा बंदोबस्त विभाग पूरा नहीं कर रहा। पंजीकृत रजिस्ट्रियों के अनुसार राजस्व विभाग को किसानों का रकबा पूरा करना चाहिए था। दुर्भाग्यवश राजस्व विभाग किसानों का रकबा पूरा नहीं कर रहा है। विभाग ने 927 तकसीम का हवाला देकर पीड़ित किसानों का रकबा कम कर दिया है। 927 तकसीम को हाईकोर्ट ने सही माना है। कहा कि यदि महाल लाल सिंगी का कानूनी बंदोबस्त नहीं होता है तो पीड़ित किसान आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।