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Una News: गाड़ियों में कूड़ेदान को चालकों ने बताया सिरदर्द
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कहा- हमारी मांगों पर भी ध्यान दे प्रदेश सरकार
कूड़ेदान रखना जरूरी तो उसके निपटान की व्यवस्था भी होनी चाहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा/नंदपुर (ऊना)। सरकार की ओर से स्वच्छता अभियान के तहत एक नई पहल करते हुए सभी कॉमर्शियल वाहनों में कूड़ेदान रखना अनिवार्य कर दिया है। इस नियम का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी को रोकना है। जो नियमों का उल्लंघन करेगा उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है। कुछ टैक्सी चालकों ने इस नियम को ठीक बताया तो कइयों से इसे सिरदर्द कहा। बुधवार को इस मुद्दे पर अमर उजाला संवाददाता की टीम ने विभिन्न टैक्सी यूनियन से जुड़े चालकों से बातचीत की। उन्होंने इस प्रकार विचार साझा किए।
टैक्सी में पहले ही जगह की कमी होती है। अब जबरन कूड़ेदान रखने को कहा जा रहा है, लेकिन हम उसे कहां रखें। जो छोटे कूड़ेदान रखे हैं, वे जल्दी भर जाते हैं और उसमें से बदबू आने लगती है। यात्रियों को भी परेशानी होती है। ऊपर से ये भी नहीं बताया गया कि इस कचरे को हम खाली कहां करें। -हरीश कुमार, टैक्सी चालक
सरकार ने नियम तो बना दिया लेकिन उसकी कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं दी गई। अगर कूड़ेदान रखना जरूरी है तो फिर उसके निपटान के लिए भी व्यवस्था होनी चाहिए। कहा जाता है कि गाड़ी में कूड़ेदान हो, लेकिन ये नहीं बताया कि उसे खाली कहां करें, कैसे साफ रखें। अब ट्रैफिक पुलिस चालान काटने की धमकी देती है, जबकि समस्या हमारी नहीं, व्यवस्था की है। -मुकेश कुमार, टैक्सी चालक
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हम हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में सवारियों को लेकर आते-जाते हैं। गाड़ी में सफाई का विशेष ध्यान रखते हैं। ऐसे में कूड़ेदान रखने के आदेश गैर जरूरी लग रहे। -संजीव ठाकुर, टैक्सी ड्राइवर
सरकार की ओर से तय किए गए सभी नियमों का पालन करते हैं लेकिन सरकार हमारी टैक्सी यूनियन का भी ध्यान रखे। पिछले 15 साल से परमिट की जो समस्या चल रही, उसका आज दिन तक कोई हल नहीं हो पाया है। -दिलबाग सिंह, अध्यक्ष कुटलैहड़, टैक्सी यूनियन
सरकार के आदेश के अनुसार हमने अपनी बसों में डस्टबिन का प्रावधान करवा दिया है। इससे स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। -राजेंद्र ठाकुर, प्रबंधक, राजेंद्रा बस परिवहन निगम
बस में स्वच्छ जल और सफाई के लिए पहले से ही डस्टबिन रखा हुआ है। समय-समय पर सवारियों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाता है। बस में हमेशा साफ सफाई का ध्यान रखा जाता है। -राम पाल ठाकुर, प्रबंधक, कुटलैहड़ बस सर्विस
टैक्सी यूनियन की ओर से मांग की गई है कि वाहन के आकार के अनुसार नियमों में लचीलापन लाया जाए और कूड़ेदान निपटान के लिए ठोस व्यवस्था की जाए। स्वच्छता जरूरी है, लेकिन इसके लिए बनाए गए नियम अगर धरातल की हकीकत से मेल न खाएं तो वह आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाते हैं।
आरटीओ ऊना अशोक कुमार कलसी ने कहा कि कॉमर्शियल गाड़ियों में कूड़ेदान रखने के निर्देश जारी हुए हैं। पहले चरण में चालकों को जागरूक किया जाएगा ताकि सभी चालकों तक यह जानकारी पहुंच पाए। उसके बाद सख्ती के साथ नियम लागू होगा और कोताही करने वालों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कूड़ेदान रखना जरूरी तो उसके निपटान की व्यवस्था भी होनी चाहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा/नंदपुर (ऊना)। सरकार की ओर से स्वच्छता अभियान के तहत एक नई पहल करते हुए सभी कॉमर्शियल वाहनों में कूड़ेदान रखना अनिवार्य कर दिया है। इस नियम का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी को रोकना है। जो नियमों का उल्लंघन करेगा उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है। कुछ टैक्सी चालकों ने इस नियम को ठीक बताया तो कइयों से इसे सिरदर्द कहा। बुधवार को इस मुद्दे पर अमर उजाला संवाददाता की टीम ने विभिन्न टैक्सी यूनियन से जुड़े चालकों से बातचीत की। उन्होंने इस प्रकार विचार साझा किए।
टैक्सी में पहले ही जगह की कमी होती है। अब जबरन कूड़ेदान रखने को कहा जा रहा है, लेकिन हम उसे कहां रखें। जो छोटे कूड़ेदान रखे हैं, वे जल्दी भर जाते हैं और उसमें से बदबू आने लगती है। यात्रियों को भी परेशानी होती है। ऊपर से ये भी नहीं बताया गया कि इस कचरे को हम खाली कहां करें। -हरीश कुमार, टैक्सी चालक
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सरकार ने नियम तो बना दिया लेकिन उसकी कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं दी गई। अगर कूड़ेदान रखना जरूरी है तो फिर उसके निपटान के लिए भी व्यवस्था होनी चाहिए। कहा जाता है कि गाड़ी में कूड़ेदान हो, लेकिन ये नहीं बताया कि उसे खाली कहां करें, कैसे साफ रखें। अब ट्रैफिक पुलिस चालान काटने की धमकी देती है, जबकि समस्या हमारी नहीं, व्यवस्था की है। -मुकेश कुमार, टैक्सी चालक
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हम हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में सवारियों को लेकर आते-जाते हैं। गाड़ी में सफाई का विशेष ध्यान रखते हैं। ऐसे में कूड़ेदान रखने के आदेश गैर जरूरी लग रहे। -संजीव ठाकुर, टैक्सी ड्राइवर
सरकार की ओर से तय किए गए सभी नियमों का पालन करते हैं लेकिन सरकार हमारी टैक्सी यूनियन का भी ध्यान रखे। पिछले 15 साल से परमिट की जो समस्या चल रही, उसका आज दिन तक कोई हल नहीं हो पाया है। -दिलबाग सिंह, अध्यक्ष कुटलैहड़, टैक्सी यूनियन
सरकार के आदेश के अनुसार हमने अपनी बसों में डस्टबिन का प्रावधान करवा दिया है। इससे स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। -राजेंद्र ठाकुर, प्रबंधक, राजेंद्रा बस परिवहन निगम
बस में स्वच्छ जल और सफाई के लिए पहले से ही डस्टबिन रखा हुआ है। समय-समय पर सवारियों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाता है। बस में हमेशा साफ सफाई का ध्यान रखा जाता है। -राम पाल ठाकुर, प्रबंधक, कुटलैहड़ बस सर्विस
टैक्सी यूनियन की ओर से मांग की गई है कि वाहन के आकार के अनुसार नियमों में लचीलापन लाया जाए और कूड़ेदान निपटान के लिए ठोस व्यवस्था की जाए। स्वच्छता जरूरी है, लेकिन इसके लिए बनाए गए नियम अगर धरातल की हकीकत से मेल न खाएं तो वह आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाते हैं।
आरटीओ ऊना अशोक कुमार कलसी ने कहा कि कॉमर्शियल गाड़ियों में कूड़ेदान रखने के निर्देश जारी हुए हैं। पहले चरण में चालकों को जागरूक किया जाएगा ताकि सभी चालकों तक यह जानकारी पहुंच पाए। उसके बाद सख्ती के साथ नियम लागू होगा और कोताही करने वालों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।