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Una News: 'डाक्टरां दी हड़ताल घडवा रेई अस्पतालां दे बार-बार गेड़े, किदां होउ साड्डा इलाज'
Tue, 20 Aug 2024 02:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 20 Aug 2024 02:35 AM IST
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ऊना अस्पताल में हड़ताल के चलते खाली पडा़ ओपीड़ी कश्र।संवाद
सुरेश बसन
ऊना। सोमवार सुबह 11:30 बजे क्षेत्रीय अस्पताल में पहुंचे कई मरीज ऊना की मूल भाषा में चर्चा कर रहे हैं। ओपीडी कक्ष 105, 108, 107 के पास खड़े कुछ मरीज बोले- 'डाक्टरां दी हड़ताल घडवा रेई अस्पतालां दे बार-बार गेड़े, किदां होउ साड्डा इलाज'।
असीं सोचेया कि डॉक्टर हुन ओपीडी बिच सानुं देखुंंगे पर इथे तां बिना चेकअप ते ही मुड़ना पेया। डेढ घंटा खड़ेया नूं हो गेया, लगदा नीं कि डाक्टर आऊंगे। इस हड़ताल ने तां परेशान करके रख दित्ता, सरकारां भी हल नहीं कड़ रेईयां।
ठीक 11:45 बजे यहां अस्पताल की प्रवेश गैलरी और दवा काउंटर के पास कुछ मरीज व्हीलचेयर पर अभी डॉक्टर के आने के इंतजार में हैं। घंटों बैठने के बाद जब डॉक्टर नहीं आए तो उन्होंने इधर-उधर जाना उचित समझा।
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चिकित्सकों की हड़ताल पर होने से अस्पताल का दवा काउंटर, सरकारी लैब, एक्सरे रूम आदि कक्ष भी खाली-खाली नजर आए। 12 बजे के करीब एक मरीज सर्जन चिकित्सक के कक्ष के बाहर जांच कराने के लिए पहुंचा, बस के माध्यम से आए मरीज को जब डाॅक्टरों की हड़ताल के बारे में पता चला तो वह मायूस हो गया। पाइल्स की समस्या के संबंध में चिकित्सीय परामर्श नहीं मिल पाया।
12:30 बजे ओर ईएनटी विशेषज्ञ को दिखाने हरोली क्षेत्र से पहुंची एक महिला मरीज का बेटा भी चिकित्सक को ढूंढने के लिए अस्पताल के चक्कर काटता हुआ नजर आया, जिसे बिना जांच के वापस लौटना पड़ा। वहीं, एक बजे तक इंतजार में रहे लाल सिंगी निवासी मरीज ने भी बीमार होने पर राहत के लिए चिकित्सीय जांच करवानी थी, लेकिन हड़ताल के कारण न हो पाई। संवाद
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ढाई बजे मुड़ जाऊंगा वापस
पीर निगाह से ऊपर बल्ह खालसा से सरकारी बस ही आती है। सवा नौ बजे ऊना अस्पताल आ गया, लेकिन पर्ची बनवाने के बाद यहां पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। अब ढाई बजे वापस जाने वाली बस में घर जाने के अलावा कोई चारा नहीं है।
-हरदयाल सिंह, बल्ह खालसा
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अपनी मां को पहले दुलैहड़ में चेक कराया, वहां से ईएनटी विशेषज्ञ को जांच के लिए ऊना अस्पताल रेफर किया गया। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को जांच की आस लेकर पहुंचे तो यहां डाॅक्टरों की हड़ताल है। अब घर बिना जांच लौट रहे हैं।
-राजिंदर सिंह, नंगलकलां
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मौसम बदलने के साथ ही बीमारी ने जकड़ लिया। बीते रोज छुट्टी थी तो सोमवार को स्वास्थ्य जांच कराने का सोचा, लेकिन यहां पहुंचे तो डॉक्टरों की हड़ताल का एकाएक पता चला। अब घंटों इंतजार करने के बाद जांच न हो पाई।
-विश्वास पाल सिंह, लालसिंगी
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ऊना। सोमवार सुबह 11:30 बजे क्षेत्रीय अस्पताल में पहुंचे कई मरीज ऊना की मूल भाषा में चर्चा कर रहे हैं। ओपीडी कक्ष 105, 108, 107 के पास खड़े कुछ मरीज बोले- 'डाक्टरां दी हड़ताल घडवा रेई अस्पतालां दे बार-बार गेड़े, किदां होउ साड्डा इलाज'।
असीं सोचेया कि डॉक्टर हुन ओपीडी बिच सानुं देखुंंगे पर इथे तां बिना चेकअप ते ही मुड़ना पेया। डेढ घंटा खड़ेया नूं हो गेया, लगदा नीं कि डाक्टर आऊंगे। इस हड़ताल ने तां परेशान करके रख दित्ता, सरकारां भी हल नहीं कड़ रेईयां।
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ठीक 11:45 बजे यहां अस्पताल की प्रवेश गैलरी और दवा काउंटर के पास कुछ मरीज व्हीलचेयर पर अभी डॉक्टर के आने के इंतजार में हैं। घंटों बैठने के बाद जब डॉक्टर नहीं आए तो उन्होंने इधर-उधर जाना उचित समझा।
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चिकित्सकों की हड़ताल पर होने से अस्पताल का दवा काउंटर, सरकारी लैब, एक्सरे रूम आदि कक्ष भी खाली-खाली नजर आए। 12 बजे के करीब एक मरीज सर्जन चिकित्सक के कक्ष के बाहर जांच कराने के लिए पहुंचा, बस के माध्यम से आए मरीज को जब डाॅक्टरों की हड़ताल के बारे में पता चला तो वह मायूस हो गया। पाइल्स की समस्या के संबंध में चिकित्सीय परामर्श नहीं मिल पाया।
12:30 बजे ओर ईएनटी विशेषज्ञ को दिखाने हरोली क्षेत्र से पहुंची एक महिला मरीज का बेटा भी चिकित्सक को ढूंढने के लिए अस्पताल के चक्कर काटता हुआ नजर आया, जिसे बिना जांच के वापस लौटना पड़ा। वहीं, एक बजे तक इंतजार में रहे लाल सिंगी निवासी मरीज ने भी बीमार होने पर राहत के लिए चिकित्सीय जांच करवानी थी, लेकिन हड़ताल के कारण न हो पाई। संवाद
ढाई बजे मुड़ जाऊंगा वापस
पीर निगाह से ऊपर बल्ह खालसा से सरकारी बस ही आती है। सवा नौ बजे ऊना अस्पताल आ गया, लेकिन पर्ची बनवाने के बाद यहां पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। अब ढाई बजे वापस जाने वाली बस में घर जाने के अलावा कोई चारा नहीं है।
-हरदयाल सिंह, बल्ह खालसा
अपनी मां को पहले दुलैहड़ में चेक कराया, वहां से ईएनटी विशेषज्ञ को जांच के लिए ऊना अस्पताल रेफर किया गया। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को जांच की आस लेकर पहुंचे तो यहां डाॅक्टरों की हड़ताल है। अब घर बिना जांच लौट रहे हैं।
-राजिंदर सिंह, नंगलकलां
मौसम बदलने के साथ ही बीमारी ने जकड़ लिया। बीते रोज छुट्टी थी तो सोमवार को स्वास्थ्य जांच कराने का सोचा, लेकिन यहां पहुंचे तो डॉक्टरों की हड़ताल का एकाएक पता चला। अब घंटों इंतजार करने के बाद जांच न हो पाई।
-विश्वास पाल सिंह, लालसिंगी

ऊना अस्पताल में हड़ताल के चलते खाली पडा़ ओपीड़ी कश्र।संवाद

ऊना अस्पताल में हड़ताल के चलते खाली पडा़ ओपीड़ी कश्र।संवाद