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एक ही छत के नीचे होंगे कई विभाग, नहीं काटने पड़ेंगे अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर
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ऊना। क्षेत्र के बंगाणा उपमंडल में मिनी सचिवालय के भवन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस चार मंजिला इमारत का निर्माण पांच हजार स्क्वायर मीटर भूमि पर किया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए 19.52 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। उम्मीद है कि भवन इसी साल मई महीने तक बनकर तैयार हो जाएगा। इस बहुमंजिला भवन में कई विभागों के कार्यालय बनाए जाएंगे। इसके बाद लोगों को अलग-अलग कार्यालयों में जाने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। एक ही इमारत में कई विभागों का कामकाज चलाया जाएगा। ऐसे में विभागों के बीच समन्वय बढ़ेगा और सरकारी कामकाज को गति मिलेगी।
मौजूदा समय की बात करें तो बंगाणा में कई कार्यालयों की इमारत जर्जर हालत में है। मिनी सचिवालय तैयार होने के बाद इन विभागों के कर्मचारियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस दफ्तर में शिफ्ट किया जाएगा। यह उन कर्मचारियों को एक बड़ी राहत होगी।
मिनी सचिवा की निर्माणाधीन इमारत की सबसे निचली मंजिल सबसे अधिक क्षेत्रफल 1122 स्क्वायर मीटर में बनाई जा रही है। इस मंजिल पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। एक समय में यहां पर 20 गाड़ियों को पार्क किया जा सकेगा। साथ ही ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर का ऑफिस भी बनाया जा रहा है। इसी मंजिल पर चौकीदार के लिए कमरा, इमारत को बिजली सप्लाई व्यवस्थित रखने के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया जा रहा है। इस फ्लोर पर एग्रीकल्चर एक्सटेंशन का कार्यालय भी तैयार किया जा रहा है। रिसेप्सशन और लोगों के बैठने के लिए भी जगह रखी गई है। इसी फ्लोर पर तहसील से जुड़े कामकाज के लिए स्टेनो भी बैठेंगे। उनके बैठने के लिए भी यहां पर्याप्त व्यवस्था तैयार की गई है।
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भवन की पहली मंजिल का 962 स्कवायर मीटर जगह पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। यहां पर विभिन्न विभागों के कार्यालय तैयार किए जा रहे हैं। इस मंजिल पर डीएसपी आफिस, तहसीलदार आफिस, एसडीएम रिकार्ड रूम, सुगम सेंटर की व्यवस्था होगी। इस मंजिल पर सभी कार्यालय आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं।
इमारत की दूसरी मंजिल पर एसडीएम कार्यालय तैयार किया जा रहा है। 962 स्क्वायर मीटर जगह में तैयार हो रहे इस कार्यालय में भूमि का लेखाजोखा, तहसीलदार दफ्तर, विवाह रजिस्ट्रेशन, कई तरह के लाइसेंस जारी करना, लाइसेंस नवीनीकरण, विभिन्न प्रकार के पंजीकरण से जुड़ा कार्य किया जाएगा।
भवन की तीसरी मंजिल में भी कई कई विभागों के कार्यालय संचालित होंगे। इस मंजिल पर जल शक्ति विभाग, बाल विकास परियोजना अधिकारी और कृषि विभाग का कार्यालय भी तैयार किया जा रहा है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी और नागरिक आपूर्ति विभाग से जुड़े कार्यालय भी संचालित होंगे।
इस बहुमंजिला इमारत का चौथे फ्लोर भी कई कार्यालयों से लैस होगा। यहां पर कृषि विकास कार्यालय, वेलफेयर ऑफिस, आबकारी और कराधान विभाग, रोजगार विभाग का सब ऑफिस तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा यहां पर कोआपरेटिव सोसायटी के ब्लॉक इंस्पेक्टर का कार्यालय भी बनाया जा रहा है। ऐसे में इस फ्लोर पर कृषि से लेकर टैक्स, रोजगार और सामाजिक कल्याण से जुड़े कामकाज को देखा जाएगा। इस मंजिल 952 स्क्वायर मीटर जगह पर वर्किंग स्पेस विकसित किया जा रहा है।
भवन में तैयार हो रहे पांच हाल
बंगाणा मिनी सचिवालय पांच विशाल हाल से लैस होगा। भवन की हर मंजिल में एक 120 स्क्वायर मीटर का हाल तैयार किया जा रहा है। इस हाल में विभागों से जुड़ी बैठकों समेत कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा। बड़े स्तर की बैठकों के लिए विभाग को किसी और स्थान का चयन नहीं करना पड़ेगा। हाल में करीब 100 लोग एक समय में आसानी से बैठ सकेंगे। बैठकों से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं का भी विषेश ध्यान रखा गया है।
सीढ़ियों के साथ लिफ्ट की भी व्यवस्था
निर्माणाधीन मिनी सचिवालय में हर वर्ग की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। एक मंजिल से दूसरी तक जाने के लिए दो सीढ़ियां तैयार की जा रही है। इसके साथ ही बुजुर्गों, बीमार और दिव्यांगों को ध्यान में रखते हुए एक लिफ्ट भी तैयार की जा रही है। ऐसे में जरूरी काम से आने वाले लोगों को एक विभाग से दूसरे तक जाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। भवन में वर्षा जल संग्रहण की व्यवस्था भी की जा रही है।
बंगाणा उपमंडल में मौजूदा समय में करीब 550 करोड़ के विकास कार्य चले हुए हैं। प्रदेश सरकार लोगों को हर सुविधा देने के लिए प्रयासरत है। नए मिनी सचिवालय में ग्रामीण विकास को छोड़कर सभी विभाग होंगे। ऐसे में लोगों को अपने किसी काम के लिए अलग-अलग जगह नहीं भटकना पड़ेगा।
वीरेंद्र कंवर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री
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मौजूदा समय की बात करें तो बंगाणा में कई कार्यालयों की इमारत जर्जर हालत में है। मिनी सचिवालय तैयार होने के बाद इन विभागों के कर्मचारियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस दफ्तर में शिफ्ट किया जाएगा। यह उन कर्मचारियों को एक बड़ी राहत होगी।
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मिनी सचिवा की निर्माणाधीन इमारत की सबसे निचली मंजिल सबसे अधिक क्षेत्रफल 1122 स्क्वायर मीटर में बनाई जा रही है। इस मंजिल पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। एक समय में यहां पर 20 गाड़ियों को पार्क किया जा सकेगा। साथ ही ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर का ऑफिस भी बनाया जा रहा है। इसी मंजिल पर चौकीदार के लिए कमरा, इमारत को बिजली सप्लाई व्यवस्थित रखने के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया जा रहा है। इस फ्लोर पर एग्रीकल्चर एक्सटेंशन का कार्यालय भी तैयार किया जा रहा है। रिसेप्सशन और लोगों के बैठने के लिए भी जगह रखी गई है। इसी फ्लोर पर तहसील से जुड़े कामकाज के लिए स्टेनो भी बैठेंगे। उनके बैठने के लिए भी यहां पर्याप्त व्यवस्था तैयार की गई है।
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भवन की पहली मंजिल का 962 स्कवायर मीटर जगह पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। यहां पर विभिन्न विभागों के कार्यालय तैयार किए जा रहे हैं। इस मंजिल पर डीएसपी आफिस, तहसीलदार आफिस, एसडीएम रिकार्ड रूम, सुगम सेंटर की व्यवस्था होगी। इस मंजिल पर सभी कार्यालय आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं।
इमारत की दूसरी मंजिल पर एसडीएम कार्यालय तैयार किया जा रहा है। 962 स्क्वायर मीटर जगह में तैयार हो रहे इस कार्यालय में भूमि का लेखाजोखा, तहसीलदार दफ्तर, विवाह रजिस्ट्रेशन, कई तरह के लाइसेंस जारी करना, लाइसेंस नवीनीकरण, विभिन्न प्रकार के पंजीकरण से जुड़ा कार्य किया जाएगा।
भवन की तीसरी मंजिल में भी कई कई विभागों के कार्यालय संचालित होंगे। इस मंजिल पर जल शक्ति विभाग, बाल विकास परियोजना अधिकारी और कृषि विभाग का कार्यालय भी तैयार किया जा रहा है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी और नागरिक आपूर्ति विभाग से जुड़े कार्यालय भी संचालित होंगे।
इस बहुमंजिला इमारत का चौथे फ्लोर भी कई कार्यालयों से लैस होगा। यहां पर कृषि विकास कार्यालय, वेलफेयर ऑफिस, आबकारी और कराधान विभाग, रोजगार विभाग का सब ऑफिस तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा यहां पर कोआपरेटिव सोसायटी के ब्लॉक इंस्पेक्टर का कार्यालय भी बनाया जा रहा है। ऐसे में इस फ्लोर पर कृषि से लेकर टैक्स, रोजगार और सामाजिक कल्याण से जुड़े कामकाज को देखा जाएगा। इस मंजिल 952 स्क्वायर मीटर जगह पर वर्किंग स्पेस विकसित किया जा रहा है।
भवन में तैयार हो रहे पांच हाल
बंगाणा मिनी सचिवालय पांच विशाल हाल से लैस होगा। भवन की हर मंजिल में एक 120 स्क्वायर मीटर का हाल तैयार किया जा रहा है। इस हाल में विभागों से जुड़ी बैठकों समेत कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा। बड़े स्तर की बैठकों के लिए विभाग को किसी और स्थान का चयन नहीं करना पड़ेगा। हाल में करीब 100 लोग एक समय में आसानी से बैठ सकेंगे। बैठकों से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं का भी विषेश ध्यान रखा गया है।
सीढ़ियों के साथ लिफ्ट की भी व्यवस्था
निर्माणाधीन मिनी सचिवालय में हर वर्ग की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। एक मंजिल से दूसरी तक जाने के लिए दो सीढ़ियां तैयार की जा रही है। इसके साथ ही बुजुर्गों, बीमार और दिव्यांगों को ध्यान में रखते हुए एक लिफ्ट भी तैयार की जा रही है। ऐसे में जरूरी काम से आने वाले लोगों को एक विभाग से दूसरे तक जाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। भवन में वर्षा जल संग्रहण की व्यवस्था भी की जा रही है।
बंगाणा उपमंडल में मौजूदा समय में करीब 550 करोड़ के विकास कार्य चले हुए हैं। प्रदेश सरकार लोगों को हर सुविधा देने के लिए प्रयासरत है। नए मिनी सचिवालय में ग्रामीण विकास को छोड़कर सभी विभाग होंगे। ऐसे में लोगों को अपने किसी काम के लिए अलग-अलग जगह नहीं भटकना पड़ेगा।
वीरेंद्र कंवर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री