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सड़क पर लंगर बना हादसे का सबब

Sun, 09 Sep 2018 10:47 PM IST
Updated Sun, 09 Sep 2018 10:47 PM IST
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सड़क पर लंगर बना हादसे का सबब
हादसे के बाद सड़क के किनारे लगने वाले लंगर समितियों की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
अमर उजाला ब्यूरो
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भरवाईं (ऊना)। जिला प्रशासन और मंदिर न्यास लंगर लगाने वाली संस्थाओं के प्रति कितना गंभीर है इसकी पोल भरवाईं में हुए बस हादसे ने खोल कर रख दी है। हादसे के बाद सड़क के किनारे लगने वाले लंगर समितियों की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोग व बस में घायल लोगों ने हादसे का दोष घटनास्थल पर लगे लंगर वालों दिया। वहीं जिला प्रशासन के आला अधिकारी अब लंगर संस्थाओं पर शिकंजा कसने की बात करते दिख रहे हैं। रविवार अगर यहां लंगर न होता तो शायद ये हादसा भी न होता। जिस टेंपो चालक के साथ बस चालक की बहस हुई उस टेंपो में बैठे श्रद्धालु सड़क पर ही टेंपो खड़ा करके लंगर खा रहे थे। यही नहीं लंगर लगाने वाले सड़क के बीच खड़े होकर लंगर के लिए आवाजें लगा रहे थे।
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इस कारण एचआरटीसी का चालक को सड़क कम होने के कारण बस निकालने में दिक्कत आई। दूसरी तरफ कम चालक ने अचानक ड्राइवर साइड का दरवाजा खोल दिया जो कि वहंा से गुजर रही बस से टकरा गया। इस पर चालकों में विवाद हो गया। कम चालक के साथ लंगर लगाने वाले भी बस चालक के साथ बहसबाजी पर उतर आए। ड्राइवर को पकड़कर स्टार्ट बस से उतारा गया। उतराई के कारण बस अपने आप चल पड़ी और खाई में लुढ़क गई।
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मोइन के पूर्व प्रधान संजीव शर्मा ने हादसों के लेकर मृतकों और घायलों के प्रति संवेदना प्रकट की है और मन्दिर प्रशासन की घोर निंदा की है। उन्होंने कहा कि बाहरी लोग यहां आकर मनमर्जी से लंगर लगाते हैं। गंदगी फैला जाते हैं। डीसी राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि हादसे की जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। घटना वाली जगह पर चल रहा लंगर बिना परमिशन के था तो इसको लेकर भी पता किया जाएगा।


बाल-बाल बचा मुंडन के लिए आया बच्चा
जहां हादसे में दो लोगों की मौत के अलावा कई लोग घायल हुए वहीं इस हादसे में एक 11 माह का बच्चा बाल-बाल बच गया। फगवाड़ा निवासी बच्चे की मां सरोज कुमारी ने बताया कि वे नीजा को चिंतपूर्णी मुंडन के लिए लाए थे। लेकिन उनके साथ यह हादसा हो गया। उन्होंने कहा कि मैया की कृपा से उनका बच्चा सकुशल बच गया। बच्चे को हादसे में मामूली चोटें आई हैं।
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