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माफिया ने खाली कर दिए खैर के जंगल

Thu, 21 Dec 2017 10:01 PM IST
Updated Thu, 21 Dec 2017 10:01 PM IST
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माफिया ने खाली कर दिए खैर के जंगल

अमर उजाला ब्यूरो

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बंगाणा(ऊना)।
कुटलैहड़ क्षेत्र में पिछले दो साल से वन माफिया ने कुल्हाड़ी चलाकर सरकारी जंगलों को खाली कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि क्षेत्र के जंगलों में कटान के समय ठेकेदार धड़ल्ले से अवैध कटान कर रहे हैं लेकिन विभाग कड़ी कार्रवाई करता नजर नहीं आता। हालांकि अब वन काटुओं के बढ़ते हौसलों को देख कुछ दिन पहले वन विभाग ने जंगलों में गश्त के लिए टीमें गठित कर दी हैं। ये टीमें हर समय वन काटुओं पर अपनी पैनी नजर रख रही हैं।

दूसरी ओर डीपीएफ वन क्षेत्र में पेड़ कटान की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद वन काटुओं ने जंगलों में अवैध कटान धड़ल्ले से किया जा रहा है। बंगाणा के तहत भरमौत के जंगल में वन काटुओं ने अवैध कटान किया। इसमें वन विभाग ने 14 खैरों के 92 मोछे जब्त किए। रामगढ़ धार के अंतर्गत प्रोइयां के बीबीएमबी जंगल भी वन काटुओं से अछूता नहीं रहा। वहां पर वन काटुओं ने 11 खैर के पेड़ काटकर उनके 42 मोछे गोबिंदसागर झील में डाल दिए।
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इनको वन विभाग के कर्मचारियों ने पानी के अंदर जाकर वोट की मदद से बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। वन काटुओं के हौसलों से ये जाहिर होता है कि इतना बड़ा काम बगैर विभाग और स्थानीय लोगों की मदद से नामुमकिन है। भरमौत के जंगल में तो अवैध कटान के लिए वन काटुओं ने जेसीबी मशीन लगाकर एक किलोमीटर तक सड़क भी बना दी लेकिन गांव वालों और वन विभाग को भनक तक नहीं पड़ी।
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एसीएफ जगदीश गौतम का कहना है कि हमने वन काटुओं पर नजर रखने के लिए टीमें गठित कर दी हैं। वे हर रोज पूरी मुस्तैदी के साथ क्षेत्र के अलग-अलग जंगलों में गश्त कर रही हैं। जो भी अवैध कटान करते पकड़ा गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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