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आईओ पर केस को कमजोर करने का आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। कोटला खास गांव के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पुलिस प्रशासन और जांच अधिकारी पर केस को कमजोर करने व दूसरे पक्ष को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया।
पीड़ित व्यास देव पुत्र बलदेव सिंह निकासी कोटला खास ने बताया कि उन्होंने एक कत्था उद्योग मालिक द्वारा जातीय तौर पर उत्पीड़ित और प्रताड़ित करने पर सदर थाना में 6 मार्च को मामला दर्ज करवाया था। इसकी जांच संबंधित नियुक्त अधिकारी द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के तहत की गई गई। आरोप है कि जांच अधिकारी और प्रशासन की ओर से आरोपी को अग्रिम जमानत लेने का समय दिया गया। इसके बाद जब आरोपी कत्था उद्योग मालिक को उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई तो उन्हें इस बारे में जानकारी मिली।
पीड़ित ने ज्ञापन से जिला प्रशासन और डीएम से इस बात का जवाब मांगा कि आरोपी द्वारा अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट में अर्जी दायर करने के बाद भी जांच अधिकारी ने उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं दी। इससे वह उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखकर उचित कार्रवाई की मांग कर सके। उन्होंने जांच अधिकारी और प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके केस को कमजोर करने तथा आरोपी को जमानत के लिए छूट देने के लिए मामले में ढील बरती है। इसके लिए उन्होंने उपायुक्त से उचित कार्रवाई की मांग की है।
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साथ ही पीड़ित ने इस मामले को हाई कोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय तक लेकर जाने के लिए आरोपी को सचेत किया है। इस अवसर पर उनके साथ ब्रह्मदास, बलदेव सिंह जस्सल, व्यास देव, वीरेंद्र कुमार, शादी लाल आदि अन्य भी मौजूद रहे। उपायुक्त राकेश प्रजापति के मुताबिक मामले की जांच की जाएगी।
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ऊना। कोटला खास गांव के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पुलिस प्रशासन और जांच अधिकारी पर केस को कमजोर करने व दूसरे पक्ष को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया।
पीड़ित व्यास देव पुत्र बलदेव सिंह निकासी कोटला खास ने बताया कि उन्होंने एक कत्था उद्योग मालिक द्वारा जातीय तौर पर उत्पीड़ित और प्रताड़ित करने पर सदर थाना में 6 मार्च को मामला दर्ज करवाया था। इसकी जांच संबंधित नियुक्त अधिकारी द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के तहत की गई गई। आरोप है कि जांच अधिकारी और प्रशासन की ओर से आरोपी को अग्रिम जमानत लेने का समय दिया गया। इसके बाद जब आरोपी कत्था उद्योग मालिक को उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई तो उन्हें इस बारे में जानकारी मिली।
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पीड़ित ने ज्ञापन से जिला प्रशासन और डीएम से इस बात का जवाब मांगा कि आरोपी द्वारा अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट में अर्जी दायर करने के बाद भी जांच अधिकारी ने उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं दी। इससे वह उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखकर उचित कार्रवाई की मांग कर सके। उन्होंने जांच अधिकारी और प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके केस को कमजोर करने तथा आरोपी को जमानत के लिए छूट देने के लिए मामले में ढील बरती है। इसके लिए उन्होंने उपायुक्त से उचित कार्रवाई की मांग की है।
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साथ ही पीड़ित ने इस मामले को हाई कोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय तक लेकर जाने के लिए आरोपी को सचेत किया है। इस अवसर पर उनके साथ ब्रह्मदास, बलदेव सिंह जस्सल, व्यास देव, वीरेंद्र कुमार, शादी लाल आदि अन्य भी मौजूद रहे। उपायुक्त राकेश प्रजापति के मुताबिक मामले की जांच की जाएगी।