दौलतपुर चौक/गगरेट (ऊना)। क्षेत्र के एक सेवानिवृत्त अध्यापक के ऑनलाइन ठगी का शिकार होने का मामला सामने आया है। लगातार चार वर्षों से सेवानिवृत्त अध्यापक ठगी का शिकार हो रहे हैं। इस ऑनलाइन ठगी में 26.80 लाख रुपये लुटा देने के बाद अब मामला पुलिस के पास पहुंचा है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के निकटवर्ती गांव का एक अध्यापक सेवानिवृत्ति के बाद एक इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट की चिकनी चुपड़ी बातों में आ गया और एकमुश्त राशि लगाने पर उसे एक साल में ज्यादा ब्याज के साथ देने की बात कही, जिस पर उसने सबसे पहले 2015 में 4 लाख, फिर कुछ माह बाद 3-3 लाख, फिर 2 लाख करके 12 लाख रुपये की राशि इसमें निवेश कर दी। फिर कुछ माह में उसे पॉलिसी की कॉपी भी मिल गई और एजेंट के झूठे दावे जारी रहे। जिस एजेंट से वह कभी मिले नहीं और जिस की बातों में आकर उसने 12 लाख रुपये खर्च कर दिए, उस शातिर एजेंट ने अपना फोन बंद कर दिया और पीड़ित अध्यापक परेशान रहने लगा। उक्त बात को न तो किसी को बताया और न ही कुछ कर पाया। फिर एक दिन पीड़ित को फोन आया कि आपने इंश्योरेंस की मात्र एक बार ही किस्त जमा करवाई है और आपके सारे पैसे डूब जाएंगे अपने सारे डॉक्यूमेंट अपडेट करवाओ जिसकी फीस 44,000 रुपये है। पीड़ित अध्यापक ने वह राशि भी जमा करवा दी। मार्च 2019 को उसे एक नए नंबर से फोन आया और उसे लालच दिया गया कि आपको हम 98 लाख रुपये देंगे, आप 6 लाख और खाते में डालो, तत्पश्चात और साढ़े छह लाख और इस तरह उसने सारी जमा पूंजी सहित कुछ परिजनों से भी पैसे लेकर कुल 26 लाख 80 हजार रुपये लुटा दिए। 98 लाख का वायदा करके उसका आधार नंबर, अन्य डॉक्यूमेंट, ई-मेल आदि ले लिए। जून माह तक जब उसे कुछ वापस न मिला तो उसका माथा ठनका और उसने एसपी ऊना के पास जाकर इस ठगी के बाबत न्याय की गुहार लगाई और मामला बुधवार शाम को गगरेट थाने में दर्ज हो पाया। डीएसपी अंब मनोज जंवाल ने उक्त मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने थाना गगरेट में 420, 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने साथ ही आम जनमानस को आगाह किया है कि ऑनलाइन ठगी का शिकार न बनें, अनजान लोगों की फोन कॉल न सुनें और न ही अनजान लोगों से किसी प्रकार का ऑनलाइन लेनदेन करें। उन्होंने अनुरोध किया कि कम से कम शिक्षित लोग खुद भी बचें और दूसरे लोगों को भी बचाएं।