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अज्ञात वाहन की टक्कर से गाय की टांग टूटी
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अमर उजाला ब्यूरो
दौलतपुर चौक (ऊना)। क्षेत्र के बडोह गांव में अज्ञात वाहन की टक्कर से बेसहारा गाय की टांग टूट गई। अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल गाय को स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से डेरा बाबा हरीशाह दरबार अंबोआ गोशाला पहुंचाया।
बड़ोह निवासी ऋषि ठाकुर, दिलबाग सिंह और गुरदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने सड़क के किनारे पड़ी घायल बेसहारा गाय को देखा। उसकी टांग टूटी थी। उन्होंने सबसे पहले स्थानीय पशु चिकित्सक की मदद से गाय का प्राथमिक इलाज करवाया। एसएचओ चैन सिंह ठाकुर की मदद से गाय हरी शाह गोशाला अंबोआ पहुंचाया, ताकि उसकी अच्छी तरह से देखभाल हो सके। बाबा राकेश शाह ने बताया कि गाय की दयनीय हालत को देखते हुए उन्होंने गोशाला में ही उसका इलाज व देखभाल की जिम्मेदारी ली है।
उन्होंने बताया कि हालांकि गोशाला में गोधन की तादाद क्षमता से अधिक है। बाबा इस बात का दुख जताया कि अभी तक बड़े-बड़े आश्वासनों के बाद भी सरकारों की तरफ से गोशाला को कोई भी मदद नहीं दी जाती। न ही गोशाला को अभी तक पशु एंबुलेंस नसीब हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें मलाल है कि अगर आज उनकी गोशाला में पशु एंबुलेंस होती तो गाय को लाने और उतारने में आसानी होती। इस अवसर पर उनके साथ अनिल लखन पाल, हरीश हनी राजा, बब्बू सहित अन्य भी उपस्थित रहे।
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दौलतपुर चौक (ऊना)। क्षेत्र के बडोह गांव में अज्ञात वाहन की टक्कर से बेसहारा गाय की टांग टूट गई। अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल गाय को स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से डेरा बाबा हरीशाह दरबार अंबोआ गोशाला पहुंचाया।
बड़ोह निवासी ऋषि ठाकुर, दिलबाग सिंह और गुरदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने सड़क के किनारे पड़ी घायल बेसहारा गाय को देखा। उसकी टांग टूटी थी। उन्होंने सबसे पहले स्थानीय पशु चिकित्सक की मदद से गाय का प्राथमिक इलाज करवाया। एसएचओ चैन सिंह ठाकुर की मदद से गाय हरी शाह गोशाला अंबोआ पहुंचाया, ताकि उसकी अच्छी तरह से देखभाल हो सके। बाबा राकेश शाह ने बताया कि गाय की दयनीय हालत को देखते हुए उन्होंने गोशाला में ही उसका इलाज व देखभाल की जिम्मेदारी ली है।
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उन्होंने बताया कि हालांकि गोशाला में गोधन की तादाद क्षमता से अधिक है। बाबा इस बात का दुख जताया कि अभी तक बड़े-बड़े आश्वासनों के बाद भी सरकारों की तरफ से गोशाला को कोई भी मदद नहीं दी जाती। न ही गोशाला को अभी तक पशु एंबुलेंस नसीब हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें मलाल है कि अगर आज उनकी गोशाला में पशु एंबुलेंस होती तो गाय को लाने और उतारने में आसानी होती। इस अवसर पर उनके साथ अनिल लखन पाल, हरीश हनी राजा, बब्बू सहित अन्य भी उपस्थित रहे।
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