{"_id":"6a568620bb4c38a7bc0e6db4","slug":"court-acquits-four-accused-of-punishable-offences-after-12-years-una-news-c-93-1-una1002-198655-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: अदालत ने चार आरोपी 12 साल बाद दंडनीय अपराधों से किए बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: अदालत ने चार आरोपी 12 साल बाद दंडनीय अपराधों से किए बरी
Wed, 15 Jul 2026 12:25 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 15 Jul 2026 12:25 AM IST
विज्ञापन
ऊना। अदालत ने अवैध रूप से रास्ता रोककर मारपीट करके गंभीर रूप से घायल करने के मामले में चार आरोपियों को 12 साल बाद दंडनीय अपराधों से बरी कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर तीन अनुलेखा तंवर की अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है।
बता दें कि आरोपी अवतार सिंह, शिव कुमार उर्फ लड्डी, अनिल कुमार और अजय कुमार पर अपराधों के लिए मुकदमा चला था। यह मामला पुलिस स्टेशन सदर, जिला ऊना, में 24 अक्तूबर 2014 को दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपनी मां के साथ जालंधर में रहता था जबकि उसका भाई गुलजारी लाल ऊना में किराये के मकान में रहता था और कबाड़ का काम करता था।
उसने बताया कि 23 अक्तूबर 2014 को दिवाली के मौके पर वह अपने भाई से मिलने ऊना आया था। रास्ते में मिठाई और पटाखे खरीदने के बाद, वह शाम करीब 5 बजे ऊना पहुंचा। रात करीब 10 बजे, जब वह डीएवी पब्लिक स्कूल के आगे बने लोहे के पुल के पास पहुंचा तो वह कुछ पटाखे जलाने के लिए रुका। उसी समय, लड्डी नाम का एक व्यक्ति, जिसे वह पहले से जानता था, वहां से गुजरा।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता ने उसे आवाज दी लेकिन लड्डी ने कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गया। इसके कुछ देर बाद, लड्डी अपने तीन भाइयों के साथ वापस आया और शिकायतकर्ता का रास्ता रोका और उससे पूछा कि वह गाली-गलौज क्यों कर रहा था। शिकायतकर्ता ने गाली देने से इनकार किया, जिस पर लड्डी और उसके तीनों भाइयों ने अपने पास मौजूद लकड़ी के डंडों से उसे पीटा और वहीं छोड़ दिया।
उसके दाहिने कंधे, दोनों बाहों, दाहिने हाथ की उंगलियों, पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आईं। अदालत ने वकीलों की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों को दंडनीय अपराधों से बरी कर दिया है। संवाद
विज्ञापन
बता दें कि आरोपी अवतार सिंह, शिव कुमार उर्फ लड्डी, अनिल कुमार और अजय कुमार पर अपराधों के लिए मुकदमा चला था। यह मामला पुलिस स्टेशन सदर, जिला ऊना, में 24 अक्तूबर 2014 को दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपनी मां के साथ जालंधर में रहता था जबकि उसका भाई गुलजारी लाल ऊना में किराये के मकान में रहता था और कबाड़ का काम करता था।
विज्ञापन
उसने बताया कि 23 अक्तूबर 2014 को दिवाली के मौके पर वह अपने भाई से मिलने ऊना आया था। रास्ते में मिठाई और पटाखे खरीदने के बाद, वह शाम करीब 5 बजे ऊना पहुंचा। रात करीब 10 बजे, जब वह डीएवी पब्लिक स्कूल के आगे बने लोहे के पुल के पास पहुंचा तो वह कुछ पटाखे जलाने के लिए रुका। उसी समय, लड्डी नाम का एक व्यक्ति, जिसे वह पहले से जानता था, वहां से गुजरा।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता ने उसे आवाज दी लेकिन लड्डी ने कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गया। इसके कुछ देर बाद, लड्डी अपने तीन भाइयों के साथ वापस आया और शिकायतकर्ता का रास्ता रोका और उससे पूछा कि वह गाली-गलौज क्यों कर रहा था। शिकायतकर्ता ने गाली देने से इनकार किया, जिस पर लड्डी और उसके तीनों भाइयों ने अपने पास मौजूद लकड़ी के डंडों से उसे पीटा और वहीं छोड़ दिया।
उसके दाहिने कंधे, दोनों बाहों, दाहिने हाथ की उंगलियों, पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आईं। अदालत ने वकीलों की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों को दंडनीय अपराधों से बरी कर दिया है। संवाद