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एसएमसी शिक्षकों को कोटा देकर चहेतों को पहुंचाया लाभ : देविंद्र
Tue, 28 Apr 2026 12:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:43 AM IST
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ऊना। हिमाचल प्रदेश प्रशिक्षित बेरोजगार संघ इकाई ऊना के महासचिव देविंद्र शर्मा ने सोमवार को प्रेस वार्ता में प्रदेश सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एसएमसी शिक्षकों को पांच प्रतिशत बैचवाइज कोटा देकर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है।
शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार संविधान की धारा 309 के तहत पात्र अभ्यर्थियों को रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने में विफल रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच 2,555 एसएमसी शिक्षकों की भर्ती स्टॉप गैप अरेंजमेंट के नाम पर की गई, जो नियमों के विपरीत थी। उनका कहना है कि नियमानुसार नियमित शिक्षकों की भर्ती या तो आयोग के माध्यम से या फिर बैचवाइज प्रक्रिया के तहत रोजगार कार्यालय के जरिये होनी चाहिए थी लेकिन इन दोनों प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि 2002 बैच के कई प्रशिक्षित युवा आज भी बेरोजगार हैं जबकि 2012 बैच के एसएमसी शिक्षकों को पांच प्रतिशत एलडीआर कोटा देकर नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसे उन्होंने योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय बताया।
शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के 24 नवंबर 2020 के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने स्पष्ट किया था कि एसएमसी शिक्षकों की नियुक्ति केवल तब तक वैध है, जब तक उनके स्थान पर नियमित शिक्षक तैनात नहीं हो जाते। आरोप लगाया कि सरकार इन आदेशों की अनदेखी कर रही है और नियमित नियुक्तियों के बजाय एसएमसी शिक्षकों को ही एलडीआर कोटा के तहत स्थायी करने की योजना बना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया तो प्रशिक्षित बेरोजगार संघ आंदोलन करने को मजबूर होगा। इस दौरान प्रनिधि कुमारी, दीपा कुमारी और सीमा कुमारी भी विशेष रूप से मौजूद रहीं।
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शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार संविधान की धारा 309 के तहत पात्र अभ्यर्थियों को रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने में विफल रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच 2,555 एसएमसी शिक्षकों की भर्ती स्टॉप गैप अरेंजमेंट के नाम पर की गई, जो नियमों के विपरीत थी। उनका कहना है कि नियमानुसार नियमित शिक्षकों की भर्ती या तो आयोग के माध्यम से या फिर बैचवाइज प्रक्रिया के तहत रोजगार कार्यालय के जरिये होनी चाहिए थी लेकिन इन दोनों प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि 2002 बैच के कई प्रशिक्षित युवा आज भी बेरोजगार हैं जबकि 2012 बैच के एसएमसी शिक्षकों को पांच प्रतिशत एलडीआर कोटा देकर नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसे उन्होंने योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय बताया।
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शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के 24 नवंबर 2020 के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने स्पष्ट किया था कि एसएमसी शिक्षकों की नियुक्ति केवल तब तक वैध है, जब तक उनके स्थान पर नियमित शिक्षक तैनात नहीं हो जाते। आरोप लगाया कि सरकार इन आदेशों की अनदेखी कर रही है और नियमित नियुक्तियों के बजाय एसएमसी शिक्षकों को ही एलडीआर कोटा के तहत स्थायी करने की योजना बना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया तो प्रशिक्षित बेरोजगार संघ आंदोलन करने को मजबूर होगा। इस दौरान प्रनिधि कुमारी, दीपा कुमारी और सीमा कुमारी भी विशेष रूप से मौजूद रहीं।
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