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Una News: बसाल स्कूल प्रबंधन ने हाथ खड़े किए, युवाओं ने खुद बदली खेल मैदान की तस्वीर

Tue, 07 Jan 2025 05:18 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jan 2025 05:18 PM IST
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Basal school management raised its hands, the youth themselves changed the picture of the playground
अमर उजाला इंपैक्ट
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सैनिक लक्ष्यवीर चौधरी ने युवकों को साथ मिलकर किया मैदान का जीर्णोद्धार
मैदान में शुरू हुई खेल गतिविधियां, युवा पुलिस व सेना के लिए करने लगे तैयारी
भूमि दान करने वाले लोगों में स्कूल प्रबंधन के रवैये पर रोष

सतीश शर्मा

नारी (ऊना)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाल का खेल मैदान बीते काफी समय से बदहाल था। स्कूल प्रबंधन ने जब सफाई से हाथ खड़े कर दिए तो क्षेत्र के युवाओं ने एकत्रित होकर दोबारा मैदान का जीर्णोद्धार किया। इसके साथ ही मैदान की खोई रौनक लौट आई। स्थानीय युवा यहां प्रतिदिन खेल गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। कई युवा सेना और पुलिस में जाने का सपना साकार करने के लिए कड़ी मेहनत भी करने लगे हैं। मैदान की दुर्दशा का मुद्दा प्रमुखता से उठाने के बाद यहां काफी बदलाव देखने को मिला। इस कार्य में गांव के सैनिक बेटे अक्षय वीर चौधरी ने अपने युवा साथियों के साथ मिलकर कड़ी मेहनत के साथ सफाई की और खेल गतिविधियों को दोबारा शुरू करवाया। जानकारी के अनुसार बसाल गांव में स्थानीय लोगों की ओर से 40 कनाल भूमि खेल के मैदान के लिए दान दी हुई है। मैदान में पहले से ही अभ्यास करके नवयुवक सेना, बीएसएफ, अग्निवीर, पुलिस आदि विभागों में अपना भविष्य बना चुके हैं। लगभग दो वर्ष से इस मैदान की किसी ने भी सुध नहीं ली। सरकंडे और झाड़ियां उगने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों का भी यहां सुबह-शाम सैर करना बंद हो गया। दौड़ लगाने वाले बच्चे भी सड़क पर ही अभ्यास करना बेहतर मानने लगे। आठ दिसंबर को इस समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। इसके बाद प्रधानाचार्य ने मौका देखकर उचित कदम उठाने का आश्वासन जरूर दिया लेकिन लोक निर्माण विभाग और स्कूल प्रशासन ने इस मैदान को साफ सुथरा करने की जहमत नहीं उठाई।

छुट्टी आए सैनिक से सुधारी दशा
मैदान की बदतर दशा के बारे में सेवा से छुट्टी पर आए सैनिक अक्षय वीर चौधरी को पता चला। उन्होंने अपने साथ कुछ नवयुवकों को लेकर मैदान को दुरुस्त करने का बीड़ा उठाया। कुछ दिन के भीतर सारे मैदान की सफाई करके इसे चकाचक कर दिया। अब मैदान में झाड़ियों का नामोनिशान तक नहीं है। लगभग 70 बच्चे यहां खेलकूद, सेना और पुलिस में सेवाओं के लिए तैयारियां कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि फौजी लक्ष्यवीर चौधरी और उसके साथियों को हम सलाम करते हैं। लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता विशाल कुमार का कहना है कि विभाग का काम तो निर्माण कार्य करना है। सफाई करना तो विद्यालय का काम है। ग्रामवासियों रविदास, सुरेश कुमार, निर्मल कुमार, संजीव, शिशुपाल, अमरनाथ ,देशराज और बलदेव सिंह का कहना है कि जनता की ओर से बच्चों को खेलने के लिए इतनी भूमि दान में देने का अर्थ यह नहीं कि सरकारी अमला इस ओर ध्यान ही न दे। इससे पता चलता है कि सरकारी विभाग और स्कूल प्रशासन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लेकर कितना गंभीर है। लक्ष्यवीर के अलावा उसके साथी युवा प्रमोद कुमार, निशांत, साहिल, प्रियांशु, गणेश, अंकित, राजेंद्र, महिंदर तथा हिमांशु अपने पुनीत कार्य के लिए बधाई के पात्र हैं।
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