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Una News: टीबी मुक्त अभियान के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जाएगा जागरूक
Fri, 03 May 2024 02:51 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 03 May 2024 02:51 AM IST
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ऊना। टीबी मुक्त हिमाचल अभियान के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलेगा। इस कड़ी में उद्योगों व झुग्गी झोंपडिय़ोंं में जाकर टीबी को लेकर एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए जून माह से जिले भर में अभियान चलेगा। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से समय-समय पर स्थानीय लोगों के अलावा प्रवासियों के लिए भी जांच अभियान चलाया जाता है, ताकि समय रहते टीबी के रोगियों का पता लगा उनका उपचार शुरू किया जा सके। प्रवासी लोगों के लिए टीबी एक्टिव फाइंडिंग अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत रोजी रोटी के लिए बाहरी प्रदेशों से जिले में काम करने के पहुंचे प्रवासी लोगों के स्वास्थ्य की भी जांच की जाएगी। इस अभियान में इस बार औद्योगिक क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए औद्योगिक ईकाइयों के प्रमुखों का सहयोग लिया जाएगा।
वर्तमान समय में जिले में क्षय रोग जो मामले सामने आते हैं। उन मामलों में सर्वाधिक मामले प्रवासी मजदूरों के होते हैं। समय रहते इन मरीजों की पहचान नही हो पाती है। इसके चलते अधिकतर रोगियों की सही समय पर उपचार न मिलने से मौत भी हो जाती है। साथ ही संक्रमण भी काफी हद तक फैल गया होता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें औद्योगिक क्षेत्रों के अलावा झुग्गी झोंपड़ियों में जाकर क्षय रोग के मरीजों की जांच करेंगे, ताकि समय रहते रोग का पता लगाकर उसका उपचार शुरू किया जा सके। इस संबंध में जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. रमेश रत्तू ने बताया कि टीबी एक्टिव केस फाइंडिग के तहत प्रवासी मजदूरों में भी टीबी की जांच की जाएगी।
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वर्तमान समय में जिले में क्षय रोग जो मामले सामने आते हैं। उन मामलों में सर्वाधिक मामले प्रवासी मजदूरों के होते हैं। समय रहते इन मरीजों की पहचान नही हो पाती है। इसके चलते अधिकतर रोगियों की सही समय पर उपचार न मिलने से मौत भी हो जाती है। साथ ही संक्रमण भी काफी हद तक फैल गया होता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें औद्योगिक क्षेत्रों के अलावा झुग्गी झोंपड़ियों में जाकर क्षय रोग के मरीजों की जांच करेंगे, ताकि समय रहते रोग का पता लगाकर उसका उपचार शुरू किया जा सके। इस संबंध में जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. रमेश रत्तू ने बताया कि टीबी एक्टिव केस फाइंडिग के तहत प्रवासी मजदूरों में भी टीबी की जांच की जाएगी।
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