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आजादी के बाद कांग्रेस सरकारों ने वीर योद्धाओं को नहीं दिया सम्मान : कंवर
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जरनल जोरावर सिंह की जयंती पर बंगाणा में भव्य समारोह
पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने किया वीरता को नमन
बोले, जोरावर सिंह की प्रतिमा को अब और भव्य रूप में किया जाएगा स्थापित
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। भारत के सैन्य इतिहास में अमर योद्धा जनरल जोरावर सिंह की जयंती पर कुटलैहड़ सेवा समिति की ओर से बंगाणा में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने भाग लेकर जोरावर सिंह की वीरता को नमन किया और उन्हें देश का एक अनमोल रत्न बताया। कार्यक्रम के दौरान वीरेंद्र कंवर ने घोषणा की कि बंगाणा रेस्ट हाउस चौक पर पहले से स्थापित जोरावर सिंह की प्रतिमा को और भव्य रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही कुटलैहड़ क्षेत्र के सभी स्कूलों में जनरल जोरावर सिंह का इतिहास पढ़ाए जाने की योजना पर भी कार्य किया जाएगा। इससे युवाओं में राष्ट्र प्रेम और वीरता की भावना को बल मिलेगा। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि जनरल जोरावर सिंह केवल हमीरपुर जिले की ही नहीं, बल्कि पूरे भारतवर्ष की सैन्य परंपरा के गौरव हैं। उन्होंने जम्मू के महाराजा गुलाब सिंह के सेनापति के रूप में लद्दाख, बाल्टिस्तान और तिब्बत तक विजय अभियान चलाकर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित करने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने अफसोस जताया कि कांग्रेस सरकारों ने आजादी के बाद ऐसे वीर योद्धाओं को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे वास्तविक अधिकारी थे। कंवर ने कहा कि जनरल जोरावर सिंह जैसे महायोद्धा को इतिहास की पुस्तकों में उचित स्थान नहीं मिल पाया। यह दुर्भाग्य है कि जिन वीरों ने देश की सीमाओं को मजबूत किया, उन्हें राष्ट्रीय मंच पर भुला दिया गया। उन्होंने कहा कि जनरल जोरावर सिंह की युद्ध नीति आज भी भारतीय सेना के लिए प्रेरणा है और उनके जीवन से देश का हर युवा प्रेरणा ले सकता है।
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पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने किया वीरता को नमन
बोले, जोरावर सिंह की प्रतिमा को अब और भव्य रूप में किया जाएगा स्थापित
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। भारत के सैन्य इतिहास में अमर योद्धा जनरल जोरावर सिंह की जयंती पर कुटलैहड़ सेवा समिति की ओर से बंगाणा में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने भाग लेकर जोरावर सिंह की वीरता को नमन किया और उन्हें देश का एक अनमोल रत्न बताया। कार्यक्रम के दौरान वीरेंद्र कंवर ने घोषणा की कि बंगाणा रेस्ट हाउस चौक पर पहले से स्थापित जोरावर सिंह की प्रतिमा को और भव्य रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही कुटलैहड़ क्षेत्र के सभी स्कूलों में जनरल जोरावर सिंह का इतिहास पढ़ाए जाने की योजना पर भी कार्य किया जाएगा। इससे युवाओं में राष्ट्र प्रेम और वीरता की भावना को बल मिलेगा। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि जनरल जोरावर सिंह केवल हमीरपुर जिले की ही नहीं, बल्कि पूरे भारतवर्ष की सैन्य परंपरा के गौरव हैं। उन्होंने जम्मू के महाराजा गुलाब सिंह के सेनापति के रूप में लद्दाख, बाल्टिस्तान और तिब्बत तक विजय अभियान चलाकर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित करने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने अफसोस जताया कि कांग्रेस सरकारों ने आजादी के बाद ऐसे वीर योद्धाओं को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे वास्तविक अधिकारी थे। कंवर ने कहा कि जनरल जोरावर सिंह जैसे महायोद्धा को इतिहास की पुस्तकों में उचित स्थान नहीं मिल पाया। यह दुर्भाग्य है कि जिन वीरों ने देश की सीमाओं को मजबूत किया, उन्हें राष्ट्रीय मंच पर भुला दिया गया। उन्होंने कहा कि जनरल जोरावर सिंह की युद्ध नीति आज भी भारतीय सेना के लिए प्रेरणा है और उनके जीवन से देश का हर युवा प्रेरणा ले सकता है।