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Una News: खराब मौसम के बाद खिली धूप से किसानों के चेहरे खिले

Sat, 19 Jul 2025 05:02 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jul 2025 05:02 PM IST
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After bad weather, the sunshine brought smiles on the faces of farmers
फसल पर किसान खाद और कीटनाशकों का करेंगे छिड़काव
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बीते कई दिन से नहीं खिली है अच्छी धूप, फसलों को हो रहा नुकसान
फॉल आर्मी वर्म कीट और खरपतवारों से जूझ रहे है मक्की की फसल

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले में बीते कई दिनों से जारी खराब मौसम के बीच शनिवार सुबह आखिरकार धूप खिली, जिससे तापमान में बढ़ोतरी तो हुई ही, किसानों के चेहरे पर भी रौनक लौट आई। खासतौर पर मक्की की फसल के लिए यह धूप वरदान साबित हो रही है। अब किसान फॉल आर्मी वर्म कीट से प्रभावित मक्की पर कीटनाशकों का छिड़काव कर सकेंगे और साथ ही खरपतवार नियंत्रण का कार्य भी तेज़ी पकड़ेगा। जानकारी के अनुसार ऊना जिले में 30,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर मक्की की खेती होती है। इसमें लगभग 1,000 हेक्टेयर क्षेत्र में अगेती फसल और शेष में पारंपरिक मक्की की खेती की जाती है। अगेती मक्की में इस समय दाना पड़ने की अवस्था है, जबकि पारंपरिक मक्की के पौधे अभी छोटे हैं। मध्य जून से लेकर जुलाई तक मौसम लगातार खराब रहा, जिससे फसल की वृद्धि प्रभावित हुई। इस दौरान कुछ ही दिन धूप खिली, जिससे कीटनाशकों का प्रभावी छिड़काव नहीं हो सका। नतीजतन, पारंपरिक मक्की की फसल फॉल आर्मी वर्म की चपेट में आ गई, जबकि अगेती मक्की में खरपतवार की वृद्धि ने फसल की विकास दर को धीमा कर दिया। किसानों बलराम कुमार, अजय स्याल, दिलावर सिंह, अजय ठाकुर और सतविंद्र सिंह ने बताया कि किसी भी फसल के लिए सिंचाई के साथ-साथ धूप भी आवश्यक होती है। धूप में ही कीटनाशकों का प्रभावी असर होता है, लेकिन पिछले एक माह से मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं रही। मक्की के पौधे ठीक से विकसित नहीं हो पाए हैं, जिससे पैदावार में गिरावट तय मानी जा रही है। अब किसान फसल को बचाने के हरसंभव प्रयास कर रहे हैं ताकि उत्पादन लागत की भरपाई हो सके। इस संदर्भ में जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने कहा कि बारिश के साथ-साथ धूप भी फसल के लिए जरूरी है। लगातार बारिश के कारण भूमि में अत्यधिक नमी बनी रही, जिससे फसल प्रभावित हुई। हालांकि, अब धूप निकलने से स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
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