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Una News: ऑनलाइन लॉटरी फ्रॉड से बाल-बाल बचा युवक, 10 लाख के झांसे में मांगे 4500 रुपये
Wed, 15 Apr 2026 12:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 15 Apr 2026 12:45 AM IST
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गगरेट (ऊना)। उपमंडल गगरेट में ऑनलाइन लॉटरी के नाम पर ठगी का एक मामला सामने आया है, जिसमें एक स्थानीय युवक सतर्कता के चलते ठगी का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। जानकारी के अनुसार, गगरेट निवासी अमन को सोमवार दोपहर एक फोन कॉल आई, जिसमें उसे ऑनलाइन लॉटरी खरीदने का लालच दिया गया और बैसाखी बंपर का झांसा दिया गया। अमन ने 200 रुपये खर्च कर ऑनलाइन लॉटरी टिकट खरीद ली।
बुधवार को अमन को फिर कॉल आई कि उसकी 10 लाख रुपये की लॉटरी निकल गई है। यह सुनकर वह बेहद खुश हुआ। ठगों ने उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी भी ले ली। इतना ही नहीं, उसे पंजाब सरकार के नाम से जारी एक फर्जी लेटर भी भेजा गया, जिसमें लॉटरी जीतने की पुष्टि की गई थी।
ठगों का असली खेल तब शुरू हुआ, जब उन्होंने एक क्यूआर कोड भेजकर रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 4500 रुपए जमा करने की मांग की। शक होने पर अमन ने अपने दोस्त ऋषव भार्गव से बात की। ऋषव ने उसे तुरंत सावधान करते हुए बताया कि सरकारी लॉटरी में किसी भी प्रकार की रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाती। इसके बाद अमन ने पैसे न भेजने का फैसला किया और इस तरह वह ठगी का शिकार होने से बच गया। अमन ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की ऑनलाइन लॉटरी के झांसे में न आएं और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
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वहीं डीएसपी अनिल पटियाल ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस समय-समय पर इस प्रकार की ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जागरूक करती रहती है।
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बुधवार को अमन को फिर कॉल आई कि उसकी 10 लाख रुपये की लॉटरी निकल गई है। यह सुनकर वह बेहद खुश हुआ। ठगों ने उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी भी ले ली। इतना ही नहीं, उसे पंजाब सरकार के नाम से जारी एक फर्जी लेटर भी भेजा गया, जिसमें लॉटरी जीतने की पुष्टि की गई थी।
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ठगों का असली खेल तब शुरू हुआ, जब उन्होंने एक क्यूआर कोड भेजकर रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 4500 रुपए जमा करने की मांग की। शक होने पर अमन ने अपने दोस्त ऋषव भार्गव से बात की। ऋषव ने उसे तुरंत सावधान करते हुए बताया कि सरकारी लॉटरी में किसी भी प्रकार की रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाती। इसके बाद अमन ने पैसे न भेजने का फैसला किया और इस तरह वह ठगी का शिकार होने से बच गया। अमन ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की ऑनलाइन लॉटरी के झांसे में न आएं और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
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वहीं डीएसपी अनिल पटियाल ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस समय-समय पर इस प्रकार की ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जागरूक करती रहती है।