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बारूद से भरे बठ्ठल खिंचने से भड़की आग, नहीं संभल पाए कामगार
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बाथू के उद्योग में हुए धमाके के बाद उद्योग के बाहर जमा लोग ।संवाद
- फोटो : Una
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बाथू (ऊना)। बाथू स्थित अवैध पटाखा उद्योग में बारूद से भरा बठ्ठल (तशला) खींचने से आग भड़की थी। एकाएक ही धमाके पर धमाके होते चले गए और फैक्ट्री पल भर में आग से दहकने लगी। अचानक भड़की आग के बीच कामगार खुद को संभाल नहीं पाए। हालांकि, कुछ कामगारों ने कपड़ों में आग पकड़ते ही मौके से जैसे-तैसे तत्काल भागकर अपनी जान बचाई। इस भयावह मंजर के बीच छह महिला कामगार भाग नहीं पाई और मौके पर जिंदा जल गईं।
पटाखा फैक्टरी में अपने अन्य चार साथियों के साथ 15 दिन पहले ही रोजगार के लिए आए प्रत्यक्षदर्शी कामगार समीर ने खुलासा घटना की आपबीती बयां की। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर करीब 20 से 25 महिला कामगार काम कर रहीं थीं। इस बीच बारूद से भरा बठ्ठल (तशला) खींचने के बाद अचानक आग भड़क गई।
आग की चपेट में आने पर कुछ कामगार जलते ही दूसरी तरफ आ गए। जहां वह भी काम कर रहा था। जबकि, छह महिलाएं मौके से भागने में सफल नहीं हो पाई। जिनकी मौके पर जलकर मौत हो गई। समीर ने बताया कि वह घटना के बाद फैक्टरी से बाहर निकल आया। बताया कि फैक्टरी में महिलाएं अधिक संख्या में काम करती थीं। दिनभर फैक्टरी में पटाखे बनाने का काम होता था। उन्होंने बताया कि फैक्टरी का मालिक ही उसे यहां लाया था।
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पटाखा फैक्टरी में अपने अन्य चार साथियों के साथ 15 दिन पहले ही रोजगार के लिए आए प्रत्यक्षदर्शी कामगार समीर ने खुलासा घटना की आपबीती बयां की। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर करीब 20 से 25 महिला कामगार काम कर रहीं थीं। इस बीच बारूद से भरा बठ्ठल (तशला) खींचने के बाद अचानक आग भड़क गई।
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आग की चपेट में आने पर कुछ कामगार जलते ही दूसरी तरफ आ गए। जहां वह भी काम कर रहा था। जबकि, छह महिलाएं मौके से भागने में सफल नहीं हो पाई। जिनकी मौके पर जलकर मौत हो गई। समीर ने बताया कि वह घटना के बाद फैक्टरी से बाहर निकल आया। बताया कि फैक्टरी में महिलाएं अधिक संख्या में काम करती थीं। दिनभर फैक्टरी में पटाखे बनाने का काम होता था। उन्होंने बताया कि फैक्टरी का मालिक ही उसे यहां लाया था।
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