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Una News: प्रतिनिधियों को निक्षय मित्र बनाने के लिए शुरू होगा अभियान
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विभाग अपने स्तर पर जिले को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए उतरेगा फील्ड में
टीबी रोगियों की मदद करने के लिए बनाए जाते हैं निश्चय मित्र
अभी तक न तो किसी राजनीतिक दल के नेता और न ही प्रशासनिक अधिकारी आए आगे
निक्षय मित्रों की ओर से टीबी के मरीजों को दी जाती है मदद
आशुतोष डोगरा
ऊना। जिले को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब पंचायत प्रतिनिधियों को निक्षय मित्र बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मुहिम शुरू की है ताकि ग्रामीण स्तर पर क्षय रोग को लेकर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके। क्षय रोग के उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों की जांच और उपचार कर रहा है।
जिले में टीबी रोगियों की जिंदगी संवारने के लिए विभिन्न उद्योग संघ, समाज सेवी संस्थाओं और अधिकारियाें की भी मदद ली जा रही है। इसी कड़ी में अब पंचायत प्रतिनिधियों को भी इस मुहिम से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में क्षय रोग मुक्त पंचायतों को बीते दिनों उनके सराहनीय प्रयासों के लिए सम्मानित भी किया गया है। अब पंचायत स्तर पर ही निक्षय मित्र तैयार करने के लिए पंचायत सदस्यों से अपील ही गई है। एक निक्षय मित्र को एक मरीज को कम से कम छह माह तक गोद लेना होगा। इन छह महीनों में मरीज का इलाज भी चलता है। मरीज को दी जाने वाली पोषण किट में प्रोटीन युक्त डाइट दी जाती है। इस डाइट में मरीज की पसंद की चीजों को भी शामिल किया जाता है। वर्ष 2024 में भी करीब 925 मरीज टीबी पीड़ित मिले थे। इन मरीजों की नियमित जांच और दवाइयां दी गईं। वहीं, साल 2025 में भी अब तक करीब 240 के करीब मरीज टीबी से पीड़ित पाए गए हैं। जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए विभाग की ओर शत-प्रतिशत प्रयास किया जा रहा है। अधिक निक्षय मित्रों की मदद मिलने से रोगियों को आर्थिक मदद मिलेगी। इच्छुक लोग क्षय केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। दूसरी ओर अभी क्षय रोगियों को गोद लेने के लिए न तो किसी राजनीतिक दल के नेता ने शुरुआत की है और न ही प्रशासनिक अधिकारी आगे आए हैं।
कोट्स
नई पहल में पंचायत प्रतिनिधियों को निक्षय मित्र बनाने के लिए प्रयास शुरू किए गए हैं। इसके लिए जल्द ही एक विशेष मुहिम को शुरू किया जाएगा।
डाॅ. विशाल कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी
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टीबी रोगियों की मदद करने के लिए बनाए जाते हैं निश्चय मित्र
अभी तक न तो किसी राजनीतिक दल के नेता और न ही प्रशासनिक अधिकारी आए आगे
निक्षय मित्रों की ओर से टीबी के मरीजों को दी जाती है मदद
आशुतोष डोगरा
ऊना। जिले को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब पंचायत प्रतिनिधियों को निक्षय मित्र बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मुहिम शुरू की है ताकि ग्रामीण स्तर पर क्षय रोग को लेकर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके। क्षय रोग के उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों की जांच और उपचार कर रहा है।
जिले में टीबी रोगियों की जिंदगी संवारने के लिए विभिन्न उद्योग संघ, समाज सेवी संस्थाओं और अधिकारियाें की भी मदद ली जा रही है। इसी कड़ी में अब पंचायत प्रतिनिधियों को भी इस मुहिम से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में क्षय रोग मुक्त पंचायतों को बीते दिनों उनके सराहनीय प्रयासों के लिए सम्मानित भी किया गया है। अब पंचायत स्तर पर ही निक्षय मित्र तैयार करने के लिए पंचायत सदस्यों से अपील ही गई है। एक निक्षय मित्र को एक मरीज को कम से कम छह माह तक गोद लेना होगा। इन छह महीनों में मरीज का इलाज भी चलता है। मरीज को दी जाने वाली पोषण किट में प्रोटीन युक्त डाइट दी जाती है। इस डाइट में मरीज की पसंद की चीजों को भी शामिल किया जाता है। वर्ष 2024 में भी करीब 925 मरीज टीबी पीड़ित मिले थे। इन मरीजों की नियमित जांच और दवाइयां दी गईं। वहीं, साल 2025 में भी अब तक करीब 240 के करीब मरीज टीबी से पीड़ित पाए गए हैं। जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए विभाग की ओर शत-प्रतिशत प्रयास किया जा रहा है। अधिक निक्षय मित्रों की मदद मिलने से रोगियों को आर्थिक मदद मिलेगी। इच्छुक लोग क्षय केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। दूसरी ओर अभी क्षय रोगियों को गोद लेने के लिए न तो किसी राजनीतिक दल के नेता ने शुरुआत की है और न ही प्रशासनिक अधिकारी आगे आए हैं।
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कोट्स
नई पहल में पंचायत प्रतिनिधियों को निक्षय मित्र बनाने के लिए प्रयास शुरू किए गए हैं। इसके लिए जल्द ही एक विशेष मुहिम को शुरू किया जाएगा।
डाॅ. विशाल कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी