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सूबे की जेल सुरक्षा को तैयार हुए 59 जेल वार्डर
Updated Mon, 30 Oct 2017 10:56 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
मैहतपुर (ऊना)।
प्रथम भारत आरक्षित वाहनी में सोमवार को जेल वार्डर की दीक्षांत परेड का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता समादेशक एसआर राणा ने की। कठिन प्रशिक्षण के बाद 59 जेल वार्डर प्रदेश की विभिन्न जेलों की सुरक्षा के लिए जाएंगे। इस अवसर पर समादेशक एसआर राणा ने कहा कि जन्म से कोई भी व्यक्ति अपराधी नहीं होता बल्कि आर्थिक और सामाजिक हालात ही किसी को अपराध की ओर धकेलते हैं। जेल वार्डर का यह दायित्व है कि वह ऐसे अपराधियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करें।
इन्हीं विषयों पर जेल वार्डरों को कठिन प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाता है। समादेशक ने जेल वार्डर्स को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से पूर्व भी वाहिनी में दो अहम कोर्स करवाए गए जिनमें तीन माह का बेसिक कमांडो कोर्स और तीन माह की बेसिक पीएसओ वीआईपी सुरक्षा कोर्स करवाए गए। इससे पहले 59 जेल वार्डरों ने मार्च पास्ट का भव्य प्रदर्शन किया। परेड की अगुवाई जेल वार्डर अमित कुमार, सहायक कमांडर ओशिन मिन्हास ने की।
प्रथम प्लाटून के रामकृष्ण और द्वितीय प्लाटून का नेतृत्व विकास मेहरा ने किया। इस अवसर पर जेल वार्डर रामकृष्ण को आल राउंड एवं इंडोर में प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया जबकि जेल वार्डर विकास मेहरा को बाह्य गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। इस अवसर पर उप समादेशक विनोद धीमान, बदरी सिंह, सहायक समादेशक मनोज जंवाल, प्रमोद शुक्ला, नरेश कुमार, डॉ. रोहित रॉय, डॉ. रविंद्र कुमार, मंच संचालन मुख्य आरक्षी दिलदार सिंह, सरिता उपस्थित रहे।
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मैहतपुर (ऊना)।
प्रथम भारत आरक्षित वाहनी में सोमवार को जेल वार्डर की दीक्षांत परेड का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता समादेशक एसआर राणा ने की। कठिन प्रशिक्षण के बाद 59 जेल वार्डर प्रदेश की विभिन्न जेलों की सुरक्षा के लिए जाएंगे। इस अवसर पर समादेशक एसआर राणा ने कहा कि जन्म से कोई भी व्यक्ति अपराधी नहीं होता बल्कि आर्थिक और सामाजिक हालात ही किसी को अपराध की ओर धकेलते हैं। जेल वार्डर का यह दायित्व है कि वह ऐसे अपराधियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करें।
इन्हीं विषयों पर जेल वार्डरों को कठिन प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाता है। समादेशक ने जेल वार्डर्स को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से पूर्व भी वाहिनी में दो अहम कोर्स करवाए गए जिनमें तीन माह का बेसिक कमांडो कोर्स और तीन माह की बेसिक पीएसओ वीआईपी सुरक्षा कोर्स करवाए गए। इससे पहले 59 जेल वार्डरों ने मार्च पास्ट का भव्य प्रदर्शन किया। परेड की अगुवाई जेल वार्डर अमित कुमार, सहायक कमांडर ओशिन मिन्हास ने की।
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प्रथम प्लाटून के रामकृष्ण और द्वितीय प्लाटून का नेतृत्व विकास मेहरा ने किया। इस अवसर पर जेल वार्डर रामकृष्ण को आल राउंड एवं इंडोर में प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया जबकि जेल वार्डर विकास मेहरा को बाह्य गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। इस अवसर पर उप समादेशक विनोद धीमान, बदरी सिंह, सहायक समादेशक मनोज जंवाल, प्रमोद शुक्ला, नरेश कुमार, डॉ. रोहित रॉय, डॉ. रविंद्र कुमार, मंच संचालन मुख्य आरक्षी दिलदार सिंह, सरिता उपस्थित रहे।
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