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Una News: बैसाखी पर 30 हजार श्रद्धालुओं ने किए माता रानी के दर्शन
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चिंतपूर्णी में माता के दर्शन केलिए बारी का इंतजार करते हुए श्रद्धालु।संवाद
8 से 10 घंटे में हुए माता रानी के दर्शन, चिंतपूर्णी में भारी भीड़ के आगे प्रशासन की व्यवस्थाएं बौनी
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी में मंदिर बैसाखी पर्व के चलते रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माता रानी की पावन पिंडी के दर्शन किए। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचने लगे थे, लेकिन शाम तक उनकी बारी आई। भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हुई। चिंतपूर्णी मंदिर में भारी भीड़ के कारण प्रशासन की व्यवस्थाएं बौनी साबित हुईं। श्रद्धालुओं को माता रानी के दर्शन करने के लिए 8 से 10 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। लंबी-लंबी लाइनों में छोटे बच्चे और बुजुर्ग परेशान हुए। भीड़ के बावजूद कोई अधिकारी व्यवस्था बनाने को लेकर नजर नहीं आया। इससे श्रद्धालुओं में आक्रोश देखा गया। श्रद्धालुओं का कहना था कि प्रशासन को बेहतर व्यवस्था बनानी चाहिए थी, ताकि उन्हें दर्शन करने में आसानी हो।
चिंतपूर्णी मंदिर में भारी भीड़ के कारण प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। प्रशासन को बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए उचित कदम उठाने होंगे, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी हो। चिंतपूर्णी मंदिर में भक्तों का जन सैलाब उमड़ रहा है, लेकिन सुरक्षा कर्मियों की कम संख्या के चलते व्यवस्था बिगड़ गई है। भीड़ वाले दिन मंदिर प्रशासन की व्यवस्था के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। छुट्टी वाले दिन लगातार मंदिर में भक्तों का हुजूम उमड़ रहा है। श्रद्धालु माता रानी के दर्शन करने के लिए आ रहे हैं और घंटों इंतजार करने के बाद भी दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। मंदिर प्रशासन को चाहिए कि वह बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए उचित कदम उठाए।
मंदिर प्रशासन को बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए उचित कदम उठाने होंगे। सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं भी बढ़ानी होंगी। इससे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी होगी और उनकी परेशानी दूर हो जाएगी। मंदिर अधिकारी अरुण कुमार का कहना है कि बैसाखी पर्व और छुट्टी के चलते मंदिर में माता के दर्शन के लिए 30 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को लाइनों में ही पानी पिलाने की व्यवस्था की गई। सुगम दर्शन प्रणाली से भी श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी में मंदिर बैसाखी पर्व के चलते रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माता रानी की पावन पिंडी के दर्शन किए। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचने लगे थे, लेकिन शाम तक उनकी बारी आई। भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हुई। चिंतपूर्णी मंदिर में भारी भीड़ के कारण प्रशासन की व्यवस्थाएं बौनी साबित हुईं। श्रद्धालुओं को माता रानी के दर्शन करने के लिए 8 से 10 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। लंबी-लंबी लाइनों में छोटे बच्चे और बुजुर्ग परेशान हुए। भीड़ के बावजूद कोई अधिकारी व्यवस्था बनाने को लेकर नजर नहीं आया। इससे श्रद्धालुओं में आक्रोश देखा गया। श्रद्धालुओं का कहना था कि प्रशासन को बेहतर व्यवस्था बनानी चाहिए थी, ताकि उन्हें दर्शन करने में आसानी हो।
चिंतपूर्णी मंदिर में भारी भीड़ के कारण प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। प्रशासन को बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए उचित कदम उठाने होंगे, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी हो। चिंतपूर्णी मंदिर में भक्तों का जन सैलाब उमड़ रहा है, लेकिन सुरक्षा कर्मियों की कम संख्या के चलते व्यवस्था बिगड़ गई है। भीड़ वाले दिन मंदिर प्रशासन की व्यवस्था के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। छुट्टी वाले दिन लगातार मंदिर में भक्तों का हुजूम उमड़ रहा है। श्रद्धालु माता रानी के दर्शन करने के लिए आ रहे हैं और घंटों इंतजार करने के बाद भी दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। मंदिर प्रशासन को चाहिए कि वह बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए उचित कदम उठाए।
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मंदिर प्रशासन को बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए उचित कदम उठाने होंगे। सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं भी बढ़ानी होंगी। इससे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी होगी और उनकी परेशानी दूर हो जाएगी। मंदिर अधिकारी अरुण कुमार का कहना है कि बैसाखी पर्व और छुट्टी के चलते मंदिर में माता के दर्शन के लिए 30 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को लाइनों में ही पानी पिलाने की व्यवस्था की गई। सुगम दर्शन प्रणाली से भी श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए।
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