{"_id":"67e949864daac6351b078147","slug":"25500-devotees-paid-obeisance-on-the-first-day-of-chaitra-navratri-fair-una-news-c-93-1-una1002-150062-2025-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: चैत्र नवरात्र मेले के पहले दिन 25500 श्रद्धालुओं ने नवाया शीश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: चैत्र नवरात्र मेले के पहले दिन 25500 श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
विज्ञापन
नवरात्रों के चलते पहले नवरात्रे माता चिंतपूर्णी मंदिर में उमडें श्रद्धालु।संवाद
भीड़ के आगे मंदिर प्रबंधन की व्यवस्थाएं नाकाफी साबित
माता के दर्शनों के लिए चार-चार घंटे प्रतीक्षा करने के बाद आया नंबर
एसडीएम अंब सचिन शर्मा ने मेला क्षेत्र में रहकर संभाले रखा मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। चैत्र नवरात्र मेले के पहले दिन चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। रविवार को पहले नवरात्र पर 25500 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। दर्शनों के लिए लगी डबल लाइनें बाजार स्थित शिव मंदिर के पास पहुंच गईं और दोपहर बाद तक लाइनों की लंबाई बराबर बनी रही। श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए काफी समय तक अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ी। दिनभर श्रद्धालुओं को धूप में ही दर्शनों के लिए लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ी। मंदिर प्रशासन ने टेंट तो लगाए लेकिन भीड़ के आगे नाकाफी साबित हुए। ज्यादातर श्रद्धालु पानी भी खरीद कर पीते देखे गए। हालांकि, मंदिर के आसपास पेयजल व्यवस्था ठीक है। लेकिन, लाइनें लंबी लग जाने से कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। लाइनों में श्रद्धालु इधर-उधर से आकर भी घुस रहे थे लेकिन रोकने वाला कभी कभार ही नजर आया। इसे व्यवस्था में ढीलापन नजर आया। सुगम दर्शन प्रणाली के कारण दर्शनों के लिए लगी लाइनों की गति काफी धीमी रही। श्रद्धालुओं को 4 घंटे तक लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ी। दूसरी ओर सुगम दर्शन प्रणाली से श्रद्धालु पांच सौ रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से पर्ची लेकर कुछ ही समय में दर्शनों का लाभ ले रहे थे। पहले नवरात्र के दिन रविवार भी था। इससे मंदिर में भीड़ रही। हालांकि, व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित करने के लिए एसडीएम अंब सचिन शर्मा ने मेला क्षेत्र में रह कर मोर्चा संभाला ताकि स्थिति सामान्य रहे। मंदिर अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि रविवार को पहले नवरात्र पर 25 500 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मंदिर में श्रद्धालुओं को ठीक से दर्शन हों, इसके लिए मंदिर प्रशासन बेहतर प्रयास कर रहा है अन्यथा कई श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही रह जाते थे। पेयजल के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं। जहां श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल मिलेगा। रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा रही व्यवस्थाओं में और भी सुधार किया जा रहा है।
विज्ञापन
माता के दर्शनों के लिए चार-चार घंटे प्रतीक्षा करने के बाद आया नंबर
एसडीएम अंब सचिन शर्मा ने मेला क्षेत्र में रहकर संभाले रखा मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। चैत्र नवरात्र मेले के पहले दिन चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। रविवार को पहले नवरात्र पर 25500 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। दर्शनों के लिए लगी डबल लाइनें बाजार स्थित शिव मंदिर के पास पहुंच गईं और दोपहर बाद तक लाइनों की लंबाई बराबर बनी रही। श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए काफी समय तक अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ी। दिनभर श्रद्धालुओं को धूप में ही दर्शनों के लिए लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ी। मंदिर प्रशासन ने टेंट तो लगाए लेकिन भीड़ के आगे नाकाफी साबित हुए। ज्यादातर श्रद्धालु पानी भी खरीद कर पीते देखे गए। हालांकि, मंदिर के आसपास पेयजल व्यवस्था ठीक है। लेकिन, लाइनें लंबी लग जाने से कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। लाइनों में श्रद्धालु इधर-उधर से आकर भी घुस रहे थे लेकिन रोकने वाला कभी कभार ही नजर आया। इसे व्यवस्था में ढीलापन नजर आया। सुगम दर्शन प्रणाली के कारण दर्शनों के लिए लगी लाइनों की गति काफी धीमी रही। श्रद्धालुओं को 4 घंटे तक लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ी। दूसरी ओर सुगम दर्शन प्रणाली से श्रद्धालु पांच सौ रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से पर्ची लेकर कुछ ही समय में दर्शनों का लाभ ले रहे थे। पहले नवरात्र के दिन रविवार भी था। इससे मंदिर में भीड़ रही। हालांकि, व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित करने के लिए एसडीएम अंब सचिन शर्मा ने मेला क्षेत्र में रह कर मोर्चा संभाला ताकि स्थिति सामान्य रहे। मंदिर अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि रविवार को पहले नवरात्र पर 25 500 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मंदिर में श्रद्धालुओं को ठीक से दर्शन हों, इसके लिए मंदिर प्रशासन बेहतर प्रयास कर रहा है अन्यथा कई श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही रह जाते थे। पेयजल के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं। जहां श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल मिलेगा। रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा रही व्यवस्थाओं में और भी सुधार किया जा रहा है।