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नप ऊना में ईओ समेत 21 पद खाली, विकास कार्य हो रहे प्रभावित
Updated Fri, 12 Oct 2018 10:56 PM IST
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ऊना। नगर परिषद ऊना में कार्यकारी अधिकारी सहित 21 पद खाली चल रहे हैं। नगर परिषद में ईओ का पद भी पिछले एक माह से रिक्त है। ईओ का पद खाली होने से लोगों को जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र, बीपीएल प्रमाण पत्र बनाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले एक माह से शहर के लोग प्रमाण पत्र बनाने के लिए नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कार्यालय में प्रमाण पत्र बनाने के लिए पहुंच रहे लोगों को ईओ के न होने का हवाला देकर खाली हाथ वापस लौटाया जा रहा है।
गौर हो कि सरकारी नियमों के मुताबिक सात से 15 दिनों में सभी प्रमाण पत्र आवेदक को उपलब्ध करवाने होते हैं। लेकिन विभाग ने किसी भी अन्य अधिकारी को ईओ की जिम्मदारी नहीं दी है। सूत्रों के अनुसार नगर परिषद में पिछले पांच साल से 20 पद खाली चल रहे हैं। इससे शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा लोगों को बिजली व पानी के कनेक्शन लेने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी मुताबिक लिपिकीय स्टाफ के अलावा फील्ड स्टाफ के पद लंबे अरसे से खाली पड़े हैं। इसकी वजह से जहां आम लोगों के काम लटक रहे हैं वहीं, शहर के कई विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
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उधर, नगर परिषद अध्यक्ष बाबा अमरजोत बेदी का कहना है कि स्टाफ की कमी के चलते दिक्कत पेश आ रही है। विभाग व सरकार को इस बारे में अवगत करवाया गया है।
नागरिक अधिकार मोर्चा ने नप में करीब दो दर्जन पद खाली होने पर कड़े तेवर दिखाएं हैं। मोर्चा के संयोजक नवदीप कश्यप ने कहा कि सरकार ने यदि 15 दिन में खाली पड़े पदों पर अधिकारियों की तैनाती न की तो नागरिक अधिकार मोर्चा उपायुक्त कार्यालय के आगे धरना प्रदर्शन करेगी। नागरिक अधिकार मोर्चा के संयोजक नवदीप कश्यप ने प्रदेश सरकार पर नगर परिषद ऊना से भेदभाव करने का आरोप लगाया है। कहा कि ऐसे में प्रदेश सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था की अवहेलना कर रही है।
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पिछले एक माह से शहर के लोग प्रमाण पत्र बनाने के लिए नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कार्यालय में प्रमाण पत्र बनाने के लिए पहुंच रहे लोगों को ईओ के न होने का हवाला देकर खाली हाथ वापस लौटाया जा रहा है।
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गौर हो कि सरकारी नियमों के मुताबिक सात से 15 दिनों में सभी प्रमाण पत्र आवेदक को उपलब्ध करवाने होते हैं। लेकिन विभाग ने किसी भी अन्य अधिकारी को ईओ की जिम्मदारी नहीं दी है। सूत्रों के अनुसार नगर परिषद में पिछले पांच साल से 20 पद खाली चल रहे हैं। इससे शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा लोगों को बिजली व पानी के कनेक्शन लेने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी मुताबिक लिपिकीय स्टाफ के अलावा फील्ड स्टाफ के पद लंबे अरसे से खाली पड़े हैं। इसकी वजह से जहां आम लोगों के काम लटक रहे हैं वहीं, शहर के कई विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
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उधर, नगर परिषद अध्यक्ष बाबा अमरजोत बेदी का कहना है कि स्टाफ की कमी के चलते दिक्कत पेश आ रही है। विभाग व सरकार को इस बारे में अवगत करवाया गया है।
नागरिक अधिकार मोर्चा ने नप में करीब दो दर्जन पद खाली होने पर कड़े तेवर दिखाएं हैं। मोर्चा के संयोजक नवदीप कश्यप ने कहा कि सरकार ने यदि 15 दिन में खाली पड़े पदों पर अधिकारियों की तैनाती न की तो नागरिक अधिकार मोर्चा उपायुक्त कार्यालय के आगे धरना प्रदर्शन करेगी। नागरिक अधिकार मोर्चा के संयोजक नवदीप कश्यप ने प्रदेश सरकार पर नगर परिषद ऊना से भेदभाव करने का आरोप लगाया है। कहा कि ऐसे में प्रदेश सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था की अवहेलना कर रही है।