{"_id":"6666158de62c32f24b0b1c26","slug":"17000-devotees-bowed-their-heads-in-the-court-of-mata-chintpurni-una-news-c-93-1-una1002-125874-2024-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: माता चिंतपूर्णी के दरबार में 17000 श्रद्धालुओं ने टेका माथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: माता चिंतपूर्णी के दरबार में 17000 श्रद्धालुओं ने टेका माथा
Mon, 10 Jun 2024 02:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 10 Jun 2024 02:20 AM IST
विज्ञापन
कड़कती धूप में लाइनों में खड़े होकर श्रद्धालु करते रहे अपनी बारी का इंतजार
राहत के नाम पर बाजार में नजर नहीं आई प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। रविवार के दिन माता चिंतपूर्णी के दरबार में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दर्शनों के लिए लगी लाइनें मुख्य बाजार से होते हुए होटल संतोष तक पहुंच गईं, जिससे श्रद्धालुओं को काफी समय तक कड़कती धूप में लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। श्रद्धालु लाइनों में दुकानदारों द्वारा धूप से बचने के लिए लगाए गए छायामानों के नीचे सिर छिपाते हुए देखे गए। फिर भी गर्मी में श्रद्धा देखने वाली थी। इस दौरान करीब 17 हजार श्रद्धालुओं ने माता चिंतपूर्णी के दरबार में शीश नवाया।
दिनभर माता रानी के भक्त दर्शनों के लिए लाइनों में डटे रहे। होमगार्ड के जवान व्यवस्थाएं बनाने के लिए जुटे रहे। मंदिर के सुरक्षा कर्मियों ने भी सतर्क रहकर काम किया। प्रशासन ने कुछ नाममात्र छायामान लगाकर अपना कर्तव्य पूरा कर दिया था। गेट नंबर तीन से एक नंबर आने के लिए गर्म सड़क पर श्रद्धालुओं के पैर जल रहे थे, पर प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। बाजार में भी धूप बरसात से बचने के लिए कोई नियमित उपाय नहीं हो पाया है। दर्शनों के लिए आए रमन कुमार, अमन , राजेश, रमा, मोनिका आदि ने बताया कि मंदिर को करोड़ों रुपए चढ़ावे के रूप में प्राप्त होते हैं, लेकिन आज दिन तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल ने बताया कि धूप से बचने के लिए छायामान लगाए गए थे। मीठे पानी की छबील भी लिफ्ट के पास लगाई गई थी।
विज्ञापन
राहत के नाम पर बाजार में नजर नहीं आई प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। रविवार के दिन माता चिंतपूर्णी के दरबार में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दर्शनों के लिए लगी लाइनें मुख्य बाजार से होते हुए होटल संतोष तक पहुंच गईं, जिससे श्रद्धालुओं को काफी समय तक कड़कती धूप में लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। श्रद्धालु लाइनों में दुकानदारों द्वारा धूप से बचने के लिए लगाए गए छायामानों के नीचे सिर छिपाते हुए देखे गए। फिर भी गर्मी में श्रद्धा देखने वाली थी। इस दौरान करीब 17 हजार श्रद्धालुओं ने माता चिंतपूर्णी के दरबार में शीश नवाया।
दिनभर माता रानी के भक्त दर्शनों के लिए लाइनों में डटे रहे। होमगार्ड के जवान व्यवस्थाएं बनाने के लिए जुटे रहे। मंदिर के सुरक्षा कर्मियों ने भी सतर्क रहकर काम किया। प्रशासन ने कुछ नाममात्र छायामान लगाकर अपना कर्तव्य पूरा कर दिया था। गेट नंबर तीन से एक नंबर आने के लिए गर्म सड़क पर श्रद्धालुओं के पैर जल रहे थे, पर प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। बाजार में भी धूप बरसात से बचने के लिए कोई नियमित उपाय नहीं हो पाया है। दर्शनों के लिए आए रमन कुमार, अमन , राजेश, रमा, मोनिका आदि ने बताया कि मंदिर को करोड़ों रुपए चढ़ावे के रूप में प्राप्त होते हैं, लेकिन आज दिन तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल ने बताया कि धूप से बचने के लिए छायामान लगाए गए थे। मीठे पानी की छबील भी लिफ्ट के पास लगाई गई थी।
विज्ञापन