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43.5 डिग्री पारे में सफर करना हो सकता है खतरनाक
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अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। स्वास्थ्य विभाग ने जिला वासियों को 43.5 डिग्री सेल्सियस की गर्मी के बिना सुरक्षा के सफर करना खतरनाक बताया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्मी में निकलने से पहले छाता और सिर पर गीला मोटा कपड़ा रखकर सफर करने की हिदायत दी है। इससे लोगों का भयंकर गर्मी से अधिक से अधिक बचाव हो सके।
स्वास्थ्य विभाग ने छोटे-छोटे बच्चों पर जितना हो सके गर्मी में बाहर आने-जाने पर रोक लगाने के लिए अनुरोध किया है। गर्मी का सबसे ज्यादा असर छोटे-छोटे नौनिहालों पर पड़ता है। इससे बच्चे कई भयंकर बीमारियों की चपेट में आ सकते है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अगर नौनिहाल भयंकर गर्मी से प्रभावित होकर उल्टी, दस्त, पानी की कमी, सिर दर्द, बुखार, कमजोरी सहित दिनों में गलत खान-पान से टाइफाइड जैसी खतरनाक बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। इससे विद्यार्थियों की जान को भी खतरा पैदा हो सकता है।
रविवार को जिला ऊना का अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस मापा गया। प्रिया, रुहानी, मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि वह बच्चों को जितना कम हो सके गर्मी में बाहर घूमने भेज रही हैं। लेकिन फिर भी गर्मी का असर बच्चों पर पड़ रहा है। इससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर वासियों ओंकार सिंह, प्यारा लाल, दया ने कहा कि गर्मी का प्रभाव हर वर्ग पर पड़ रहा है। दोपहर की लू के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञ विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि आगामी दिनों में मौसम साफ रहेगा। जिला का पारा बढ़ने के आसार हैं।
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साथ रखें पानी की बोतल : सीएमओ
सीएमओ डॉ. रमन कुमार ने कहा कि लोग घर से निकलने से पहले छाता और सिर पर गीला कपड़ा लेकर ही बाहर निकलें। अगर कहीं आप बाहर जा रहे हैं तो अपने साथ पीने के पानी की बोतल अवश्य रखें। आपके सिवाय किसी अन्य को भी पानी की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने गर्मी से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह पर अमल करने के लिए कहा है।
विभाग की सलाह
-छोटे बच्चों और विद्यार्थियों को घर पहुंचते ही नींबू पानी पिलाएं।
-घर से छाता लेकर निकलें, गीला कपड़ा और रुमाल सिर पर रखें।
-बच्चों को समय-समय पर ग्लूकोन-डी खाने को दें। इससे बच्चों को पानी कमी नहीं होगी।
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ऊना। स्वास्थ्य विभाग ने जिला वासियों को 43.5 डिग्री सेल्सियस की गर्मी के बिना सुरक्षा के सफर करना खतरनाक बताया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्मी में निकलने से पहले छाता और सिर पर गीला मोटा कपड़ा रखकर सफर करने की हिदायत दी है। इससे लोगों का भयंकर गर्मी से अधिक से अधिक बचाव हो सके।
स्वास्थ्य विभाग ने छोटे-छोटे बच्चों पर जितना हो सके गर्मी में बाहर आने-जाने पर रोक लगाने के लिए अनुरोध किया है। गर्मी का सबसे ज्यादा असर छोटे-छोटे नौनिहालों पर पड़ता है। इससे बच्चे कई भयंकर बीमारियों की चपेट में आ सकते है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अगर नौनिहाल भयंकर गर्मी से प्रभावित होकर उल्टी, दस्त, पानी की कमी, सिर दर्द, बुखार, कमजोरी सहित दिनों में गलत खान-पान से टाइफाइड जैसी खतरनाक बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। इससे विद्यार्थियों की जान को भी खतरा पैदा हो सकता है।
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रविवार को जिला ऊना का अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस मापा गया। प्रिया, रुहानी, मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि वह बच्चों को जितना कम हो सके गर्मी में बाहर घूमने भेज रही हैं। लेकिन फिर भी गर्मी का असर बच्चों पर पड़ रहा है। इससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर वासियों ओंकार सिंह, प्यारा लाल, दया ने कहा कि गर्मी का प्रभाव हर वर्ग पर पड़ रहा है। दोपहर की लू के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञ विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि आगामी दिनों में मौसम साफ रहेगा। जिला का पारा बढ़ने के आसार हैं।
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साथ रखें पानी की बोतल : सीएमओ
सीएमओ डॉ. रमन कुमार ने कहा कि लोग घर से निकलने से पहले छाता और सिर पर गीला कपड़ा लेकर ही बाहर निकलें। अगर कहीं आप बाहर जा रहे हैं तो अपने साथ पीने के पानी की बोतल अवश्य रखें। आपके सिवाय किसी अन्य को भी पानी की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने गर्मी से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह पर अमल करने के लिए कहा है।
विभाग की सलाह
-छोटे बच्चों और विद्यार्थियों को घर पहुंचते ही नींबू पानी पिलाएं।
-घर से छाता लेकर निकलें, गीला कपड़ा और रुमाल सिर पर रखें।
-बच्चों को समय-समय पर ग्लूकोन-डी खाने को दें। इससे बच्चों को पानी कमी नहीं होगी।