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चिंतपूर्णी मंदिर में एक घंटे में बनेगी 1500 चपातियां
Updated Tue, 27 Mar 2018 09:54 PM IST
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चिंतपूर्णी में श्रदालु द्वारा दान की गई मशीन के साथ सहायक मन्दिर अधिकारी व अन्य कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
भरवाईं/चिंतपूर्णी (ऊना)। शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर न्यास के लंगर हॉल में चपातियां बनाने के लिए पंजाब के एक श्रद्धालु ने लाखों रुपये की मशीन दान में दी है। उक्त मशीन लंगर हॉल में लगा दी गई है। यह मशीन एक घंटे में लगभग डेढ़ हजार चपातियां बनाने का काम करती है। चपातियां बनाने वाली इस मशीन की कीमत छह लाख रुपये के करीब बताई गई है। मंदिर न्यास के सहयोग से लंगर हॉल में यह सुविधा उपलब्ध हो पाई है। मंदिर अधिकारी प्रेम लाल शर्मा ने बताया कि पंजाब के एक श्रद्धालु ने नाम न बताने की शर्त पर मंदिर न्यास के आग्रह पर यह मशीन दान दी है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी ऐसी चपातियां बनाने वाली मशीन उक्त श्रद्धालु ने दान दी थी। लंगर हॉल में चपातियां बनाने को पहले से एक मशीन लगी हुई है। पुरानी मशीन को लंगर हॉल में लगे हुए लगभग दस वर्ष चुके हैं, जिसे बदलकर श्रद्धालु ने लंगर हॉल में अब नई मशीन लगाई है। मंदिर अधिकारी ने बताया कि मां के भक्तों की गहरी आस्था है, जिसके चलते श्रद्धालु मां के दरबार में दिल खोल कर दान कर रहे हैं।
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भरवाईं/चिंतपूर्णी (ऊना)। शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर न्यास के लंगर हॉल में चपातियां बनाने के लिए पंजाब के एक श्रद्धालु ने लाखों रुपये की मशीन दान में दी है। उक्त मशीन लंगर हॉल में लगा दी गई है। यह मशीन एक घंटे में लगभग डेढ़ हजार चपातियां बनाने का काम करती है। चपातियां बनाने वाली इस मशीन की कीमत छह लाख रुपये के करीब बताई गई है। मंदिर न्यास के सहयोग से लंगर हॉल में यह सुविधा उपलब्ध हो पाई है। मंदिर अधिकारी प्रेम लाल शर्मा ने बताया कि पंजाब के एक श्रद्धालु ने नाम न बताने की शर्त पर मंदिर न्यास के आग्रह पर यह मशीन दान दी है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी ऐसी चपातियां बनाने वाली मशीन उक्त श्रद्धालु ने दान दी थी। लंगर हॉल में चपातियां बनाने को पहले से एक मशीन लगी हुई है। पुरानी मशीन को लंगर हॉल में लगे हुए लगभग दस वर्ष चुके हैं, जिसे बदलकर श्रद्धालु ने लंगर हॉल में अब नई मशीन लगाई है। मंदिर अधिकारी ने बताया कि मां के भक्तों की गहरी आस्था है, जिसके चलते श्रद्धालु मां के दरबार में दिल खोल कर दान कर रहे हैं।