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न्याय गरीब तक पहुंचे, समय पर पहुंचे : सूर्यकांत
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अंब में कोर्ट परिसर भवन का शिलान्यास करते मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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अमर उजाला ब्यूरो
अंब (ऊना)। हिमाचल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने वीरवार को अंब में नए न्यायिक परिसर का शिलान्यास किया। दस करोड़ से बनने वाले कांप्लेक्स की उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि न्याय गरीब तक और समय पर पहुंचे। इसके लिए जो भी प्रावधान किया जाना चाहिए। उसके लिए उच्च न्यायालय प्रतिबद्ध है। न्यायालय न्याय का मंदिर है। जहां न्याय की पूजा होती है। जैसे मंदिर की व्यवस्था और दिनचर्या में पुजारी से लेकर सफाई वाले, फूलवाले तक का एक महत्वपूर्ण रोल है। उसी तरह न्यायिक व्यवस्था में लोगों को न्याय देने के लिए जो स्टेक होल्डर हैं, उसमें बार, पंच, जिला प्रशासन, विधिक सेवा प्राधिकरण और पत्रकार शामिल हैं। सीमेंट, पत्थर, लोह की मल्टी स्टोरी बिल्डिंग खड़ी करने से ही बहुत बड़ा न्यायिक परिसर नहीं बनता। ये हम सब का दायित्व है कि हम गरीब आदमी को समय से न्याय दिलवा पाएं।
उन्होंने कहा कि अंब के ज्यूडिशियल कांप्लेक्स के लिए एडवांस में ही एक करोड़ रुपया दिया जा चुका है। सरकार की तरफ से ऐसा पूरा आश्वासन है कि प्रदेश में न्यायिक आधारभूत ढांचे की जो भी जरूरत होगी, उसमें जो प्राथमिकताएं हम तय करेंगे, सरकार उनको गंभीर रूप से लेगी। धन की कमी से हमारे किसी प्रोजेक्ट को नहीं रुकने दिया जाएगा। हाईकोर्ट एक संस्थान के रूप में इस बात के लिए प्रतिबद्ध है। हम चाहते हैं कि जो संविधान में जो सपना है कि गरीब आदमी को न्याय मिले उस सपने को साकार किया जाए। अंब के नए कांप्लेक्स में पार्किंग स्पेस को कम मानते हुए उन्होंने जिला प्रशासन को इस बारे में ताकीद किया कि इसका समाधान देखें।
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लायर्स चेंबर के लिए जगह चिह्नित करने के निर्देश
अंब बार एसोसिएशन अध्यक्ष ओंकार चौधरी के लॉयर्स चेंबर की मांग पर उन्होंने कहा कि मेरा विश्वास है कि सरकारी नीति के तहत हर ज्यूडिशियल कोर्ट कांप्लेक्स के साथ आपको चेंबर बनाने को जगह मिलेगी। इसमें अंब भी पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने जिला प्रशासन और जिला एवं सत्र न्यायाधीश से कहा कि इसके लिए जगह चिह्नित की जाए। अंब में नियमित एडिशनल सेशन सर्किट कोर्ट का समय बढ़ाने की बात के लिए उन्होंने कहा कि जो नियम हैं उनको हाईकोर्ट फिर देखेगा। सब डिविजन में कहां पर कितने केस हैं। इस अवसर पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश विवेक ठाकुर ने कहा कि बडे़ काम करने के लिए दूरदृष्टि रखनी पड़ती है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत उस प्रतिभा के धनी हैं। कोई भी बड़ा कार्य करने के लिए सामूहिक योगदान की पक्की धुरी के रूप में आज मुख्य न्यायाधीश भूमिका निभा रहे हैं। जो कि सबके लिए गर्व की बात है। इससे पहले जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर ठाकुर ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को टोपी शॉल भेंट कर सम्मानित किया। उपायुक्त राकेश प्रजापति ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विवेक ठाकुर, रजिस्ट्रार जनरल वीरेंद्र सिंह को मां चिंतपूर्णी का चित्र और माता की चुनरी भेंट की। एसीजेएम धीरज ठाकुर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एसपी ऊना दिवाकर शर्मा, एसडीएम अंब सुनील वर्मा, डीएसपी अंब मनोज जंवाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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अंब (ऊना)। हिमाचल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने वीरवार को अंब में नए न्यायिक परिसर का शिलान्यास किया। दस करोड़ से बनने वाले कांप्लेक्स की उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि न्याय गरीब तक और समय पर पहुंचे। इसके लिए जो भी प्रावधान किया जाना चाहिए। उसके लिए उच्च न्यायालय प्रतिबद्ध है। न्यायालय न्याय का मंदिर है। जहां न्याय की पूजा होती है। जैसे मंदिर की व्यवस्था और दिनचर्या में पुजारी से लेकर सफाई वाले, फूलवाले तक का एक महत्वपूर्ण रोल है। उसी तरह न्यायिक व्यवस्था में लोगों को न्याय देने के लिए जो स्टेक होल्डर हैं, उसमें बार, पंच, जिला प्रशासन, विधिक सेवा प्राधिकरण और पत्रकार शामिल हैं। सीमेंट, पत्थर, लोह की मल्टी स्टोरी बिल्डिंग खड़ी करने से ही बहुत बड़ा न्यायिक परिसर नहीं बनता। ये हम सब का दायित्व है कि हम गरीब आदमी को समय से न्याय दिलवा पाएं।
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उन्होंने कहा कि अंब के ज्यूडिशियल कांप्लेक्स के लिए एडवांस में ही एक करोड़ रुपया दिया जा चुका है। सरकार की तरफ से ऐसा पूरा आश्वासन है कि प्रदेश में न्यायिक आधारभूत ढांचे की जो भी जरूरत होगी, उसमें जो प्राथमिकताएं हम तय करेंगे, सरकार उनको गंभीर रूप से लेगी। धन की कमी से हमारे किसी प्रोजेक्ट को नहीं रुकने दिया जाएगा। हाईकोर्ट एक संस्थान के रूप में इस बात के लिए प्रतिबद्ध है। हम चाहते हैं कि जो संविधान में जो सपना है कि गरीब आदमी को न्याय मिले उस सपने को साकार किया जाए। अंब के नए कांप्लेक्स में पार्किंग स्पेस को कम मानते हुए उन्होंने जिला प्रशासन को इस बारे में ताकीद किया कि इसका समाधान देखें।
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लायर्स चेंबर के लिए जगह चिह्नित करने के निर्देश
अंब बार एसोसिएशन अध्यक्ष ओंकार चौधरी के लॉयर्स चेंबर की मांग पर उन्होंने कहा कि मेरा विश्वास है कि सरकारी नीति के तहत हर ज्यूडिशियल कोर्ट कांप्लेक्स के साथ आपको चेंबर बनाने को जगह मिलेगी। इसमें अंब भी पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने जिला प्रशासन और जिला एवं सत्र न्यायाधीश से कहा कि इसके लिए जगह चिह्नित की जाए। अंब में नियमित एडिशनल सेशन सर्किट कोर्ट का समय बढ़ाने की बात के लिए उन्होंने कहा कि जो नियम हैं उनको हाईकोर्ट फिर देखेगा। सब डिविजन में कहां पर कितने केस हैं। इस अवसर पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश विवेक ठाकुर ने कहा कि बडे़ काम करने के लिए दूरदृष्टि रखनी पड़ती है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत उस प्रतिभा के धनी हैं। कोई भी बड़ा कार्य करने के लिए सामूहिक योगदान की पक्की धुरी के रूप में आज मुख्य न्यायाधीश भूमिका निभा रहे हैं। जो कि सबके लिए गर्व की बात है। इससे पहले जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर ठाकुर ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को टोपी शॉल भेंट कर सम्मानित किया। उपायुक्त राकेश प्रजापति ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विवेक ठाकुर, रजिस्ट्रार जनरल वीरेंद्र सिंह को मां चिंतपूर्णी का चित्र और माता की चुनरी भेंट की। एसीजेएम धीरज ठाकुर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एसपी ऊना दिवाकर शर्मा, एसडीएम अंब सुनील वर्मा, डीएसपी अंब मनोज जंवाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।