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बिना काम वाले यूनिटस की रद होगी रजिस्ट्रेशन
Updated Sat, 13 Jan 2018 06:29 PM IST
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बिना काम वाले यूनिटों की रद्द होगी रजिस्ट्रेशन
ऊना में सात दर्जन उद्योगपतियों को नोटिस, उद्योग विभाग ने तीन हफ्ते में मांगा जवाब
मैहतपुर क्षेत्र में चल रहे हैं दो दर्जन से ज्यादा ऐसे उद्योग
एसडी शर्मा
मैहतपुर (ऊना)।
औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे अरसे से बिना काम चल रहे यूनिटों की रजिस्ट्रेशन रद्द कर दी जाएगी। उद्योग विभाग ने ऐसे उद्योगों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है जिनमें लंबे अरसे से कोई काम नहीं हो रहा है। यहां तक कि ऐसी इकाइयों को आवास के तौर पर ही इस्तेमाल किया जा रहा है। ऊना के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों की फेहरिस्त लंबी है लेकिन उद्योग विभाग ने जानकारी जुटाकर करीब 85 उद्योगपतियों को नोटिस भेजकर इसकी वजह बताने को कहा है। विभाग ने पूछा है कि क्यों न उनके प्लॉटों का लीज रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाए। अकेले मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र में ही दो दर्जन से ज्यादा ऐसे उद्योगपतियों को उद्योग विभाग ने नोटिस भेजे हैं। ये काफी समय से कोई काम नहीं कर रहे हैं। उद्योग विभाग का मानना है कि ऐसे उद्योगों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर अन्य उद्यमियों को बांटा जाएगा जो उद्योग धंधे लगाने के इच्छुक है। सूत्रों का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देशों पर उद्योग विभाग ने भी ऐसे उद्योगों के खिलाफ नकेल कसना शुरू कर दी है। औद्योगिक क्षेत्रों में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों के जरिये इसकी जानकारी जुटाकर यह कदम उठाया है। विभाग का मानना है कि अगर उद्योगपति किन्हीं कारणों से अपनी इकाइयों में कोई काम-धंधा करने के इच्छुक नहीं हैं तो तीन हफ्ते के भीतर उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
जिला उद्योग महाप्रबंधक अंशुल धीमान ने साफ किया कि इस बारे में उच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद ये कदम उठाए गए हैं। जिला में 85 ऐसी इकाइयों को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया गया है।
उद्यमियों ने जताया इस कदम पर रोष
नोटिस मिलने के बाद कई उद्योगपतियों ने नाराजगी का इजहार कर कहा कि उन्हें कम समय दिया गया है। उद्योगों को आवास के तौर पर इस्तेमाल करने पर कहा कि आसपास श्रमिकों के आवास की सुविधा न होना बड़ी समस्या है।
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ऊना में सात दर्जन उद्योगपतियों को नोटिस, उद्योग विभाग ने तीन हफ्ते में मांगा जवाब
मैहतपुर क्षेत्र में चल रहे हैं दो दर्जन से ज्यादा ऐसे उद्योग
एसडी शर्मा
मैहतपुर (ऊना)।
औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे अरसे से बिना काम चल रहे यूनिटों की रजिस्ट्रेशन रद्द कर दी जाएगी। उद्योग विभाग ने ऐसे उद्योगों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है जिनमें लंबे अरसे से कोई काम नहीं हो रहा है। यहां तक कि ऐसी इकाइयों को आवास के तौर पर ही इस्तेमाल किया जा रहा है। ऊना के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों की फेहरिस्त लंबी है लेकिन उद्योग विभाग ने जानकारी जुटाकर करीब 85 उद्योगपतियों को नोटिस भेजकर इसकी वजह बताने को कहा है। विभाग ने पूछा है कि क्यों न उनके प्लॉटों का लीज रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाए। अकेले मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र में ही दो दर्जन से ज्यादा ऐसे उद्योगपतियों को उद्योग विभाग ने नोटिस भेजे हैं। ये काफी समय से कोई काम नहीं कर रहे हैं। उद्योग विभाग का मानना है कि ऐसे उद्योगों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर अन्य उद्यमियों को बांटा जाएगा जो उद्योग धंधे लगाने के इच्छुक है। सूत्रों का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देशों पर उद्योग विभाग ने भी ऐसे उद्योगों के खिलाफ नकेल कसना शुरू कर दी है। औद्योगिक क्षेत्रों में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों के जरिये इसकी जानकारी जुटाकर यह कदम उठाया है। विभाग का मानना है कि अगर उद्योगपति किन्हीं कारणों से अपनी इकाइयों में कोई काम-धंधा करने के इच्छुक नहीं हैं तो तीन हफ्ते के भीतर उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
जिला उद्योग महाप्रबंधक अंशुल धीमान ने साफ किया कि इस बारे में उच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद ये कदम उठाए गए हैं। जिला में 85 ऐसी इकाइयों को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया गया है।
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उद्यमियों ने जताया इस कदम पर रोष
नोटिस मिलने के बाद कई उद्योगपतियों ने नाराजगी का इजहार कर कहा कि उन्हें कम समय दिया गया है। उद्योगों को आवास के तौर पर इस्तेमाल करने पर कहा कि आसपास श्रमिकों के आवास की सुविधा न होना बड़ी समस्या है।
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