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पत्नी व दो बेटियां अंधता के साथ बीता रहीं जिंदगी

Mon, 03 Jul 2017 10:51 PM IST
Updated Mon, 03 Jul 2017 10:51 PM IST
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पत्नी व दो बेटियां अंधता के साथ बीता रहीं जिंदगी
विवेक कुमार शर्मा
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ऊना। ...गरीबी और लाचारी क्या होती है, इसे शंभू के परिवार से ज्यादा कोई क्या जानता होगा। ईश्वर ने शंभू को दो बेटियां दीं। लेकिन, दोनों की आंखों में ज्योति नहीं थी। उसके बाद एक बेटा पैदा हुआ, जिसकी आंखें भी इस दुनिया को देख नहीं सकती थीं।
परिवार पर दुखों का पहाड़ उस वक्त टूटा जब नियति ने बेटा परिवार से छीन लिया। दो फूल सी बेटियां जन्म से अंधता का दंश झेलने को मजबूर हैं। क्षेत्र के गांव बहडाला में अनोडखी आनुवांशिक बीमारी से जूझ रहे अपनी जन्म से अंधी पत्नी व दो नेत्रहीन बेटियों की परवरिश कर पाने में असमर्थ शंभू ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
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दलित वर्ग से संबंध रखने वाले अंधता का दंश झेल रहे इस परिवार की मदद करने के लिए सरकार की तरफ से भी अभी तक कोई खासी मदद नहीं मिल पाई है। परिवार का मुखिया शंभू किसी तरह दिहाड़ी मजदूरी कर अपना व अपने परिवार का पेट पाल रहा है। उसके पास इतना भी धन नहीं है कि वह बीमारी से जूझ रहे पारिवारिक सदस्यों का इलाज करवा सके। अंधता दो मासूम बच्चियों के उज्ज्वल भविष्य में दीवार बनी हुई है।
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शंभू व उसकी पत्नी तो किसी तरह से अपनी जिंदगी बसर कर रहे हैं, लेकिन उसकी दो मासूम बच्चियों के लिए अंधता अभिशाप बन गई है। आने वाले समय में इस परिवार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। नौ साल की कोमल बहडाला के सरकारी स्कूल में चौथी व छह साल की काजल पहली कक्षा में सामान्य बच्चों के साथ ही शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। दोनों ही बेटियां लिख नहीं सकती, लेकिन सोचने-समझने की शक्ति व अपने मनोबल से दोनों अपनी पढ़ाई कर रही हैं। परिवार बेहद ही निर्धन है और किसी तरह से घर का गुजारा चला हुआ है। भगवान ने इस परिवार के घर आए लाडले बेटे को भी उनसे छीन लिया। बेटे की मौत के बाद परिवार टूट सा गया है। शंभू परिवार का एकमात्र सहारा है। मेहनत मजदूरी कर वह परिवार की रोजी रोटी चला रहा है।
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सरकार उठाए उचित कदम : रविकांत
बहडाला स्कूल के मुख्याध्यापक रवि कांत ने सरकार से मांग की है कि नेत्रहीन परिवार की मदद के लिए कदम उठाए। दलित वर्ग से संबंध रखने वाले परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से राहत राशि प्रदान की जाए ताकि बीमारी का इलाज हो सके।

इनसेट
सरकार करे परिवार की मदद : सत्ती
विधायक सत्तपाल सिंह सत्ती का कहना है कि प्रदेश सरकार को ऐसे परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आते ही उक्त परिवार की मदद करेगी।
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