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Una News: यात्री निवास में बिना नीलामी बेच दीं पानी की 12 पुरानी टंकियां
Sun, 11 Oct 2026 01:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 11 Oct 2026 01:47 AM IST
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चिंतपूर्णी (ऊना)। चिंतपूर्णी मंदिर न्यास के अधीन यात्री निवास भरवाईं में 12 पुरानी प्लास्टिक की पानी टंकियों को बिना नीलामी बेचने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार टंकियां वीरवार देर शाम एक कबाड़ी को बेच दी गईं। मामला सामने आने के बाद टंकियों को कबाड़ी से वापस मंगवाकर यात्री निवास में रख दिया गया। हालांकि, मंदिर न्यास की संपत्ति को बिना निर्धारित प्रक्रिया के बेचने के आरोपों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, यात्री निवास में रखी करीब 12 पुरानी और टूटी-फूटी प्लास्टिक की टंकियों का सौदा 800 रुपये प्रति टंकी के हिसाब से किया गया था। इस तरह कुल 9600 रुपये में टंकियां कबाड़ी को बेची गईं। कबाड़ी के अनुसार, किसी व्यक्ति ने उससे संपर्क कर बताया था कि उनके पास 12 पुरानी टंकियां पड़ी हैं। इसके बाद उसने तय कीमत पर टंकियां खरीद लीं।
बताया जा रहा है कि टंकियां बेचे जाने की जानकारी आसपास के लोगों को मिली तो उन्हें वापस मंगवाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद कबाड़ी से संपर्क कर टंकियां वापस ली गईं और उन्हें दोबारा यात्री निवास में रख दिया गया। कबाड़ी के बयान भी मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस मामले में संबंधित कर्मचारी की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
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यात्री निवास में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद मंदिर न्यास की संपत्ति को कथित तौर पर बिना नीलामी बेचने का मामला सामने आने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है और उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए घटनाक्रम की जांच और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल जरूरी है।
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सूत्रों के अनुसार, यात्री निवास में रखी करीब 12 पुरानी और टूटी-फूटी प्लास्टिक की टंकियों का सौदा 800 रुपये प्रति टंकी के हिसाब से किया गया था। इस तरह कुल 9600 रुपये में टंकियां कबाड़ी को बेची गईं। कबाड़ी के अनुसार, किसी व्यक्ति ने उससे संपर्क कर बताया था कि उनके पास 12 पुरानी टंकियां पड़ी हैं। इसके बाद उसने तय कीमत पर टंकियां खरीद लीं।
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बताया जा रहा है कि टंकियां बेचे जाने की जानकारी आसपास के लोगों को मिली तो उन्हें वापस मंगवाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद कबाड़ी से संपर्क कर टंकियां वापस ली गईं और उन्हें दोबारा यात्री निवास में रख दिया गया। कबाड़ी के बयान भी मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस मामले में संबंधित कर्मचारी की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
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यात्री निवास में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद मंदिर न्यास की संपत्ति को कथित तौर पर बिना नीलामी बेचने का मामला सामने आने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है और उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए घटनाक्रम की जांच और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल जरूरी है।