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डीएलएड करने की शर्त थोपने का विरोध
Updated Wed, 13 Dec 2017 09:38 PM IST
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- फोटो : file photo
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अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बलविंद्र सिह बैंस ने कहा कि शिक्षा विभाग और सरकार ने डीएलएड करने की जो शर्त ग्रामीण विद्या उपासकों पर थोपी है, जिला प्राथमिक शिक्षक संघ इसका पूर्ण विरोध करता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विद्या उपासक अध्यापकों की नियुक्ति के समय प्राथमिक शिक्षकों को जेबीटी के पद पर नियुक्ति के लिए प्रदेश में डीएलएड नहीं करवाई थी। सरकार से दो साल का डाइट से प्रशिक्षण करवाया जाता था।
यह प्रशिक्षण ग्रामीण विद्या उपासकों ने प्राप्त किया है। इस प्रशिक्षण के आधार पर ही उन्हें विभाग व सरकार ने नियमित किया था। इनका प्रशिक्षण सरकार की ओर से जारी नए डीएलएड के प्रशिक्षण प्रपत्र से पहले पूर्ण हो चुका था। अब उन्हें नियमित हुए लगभग छह वर्ष हो चुके हैं। इनमें से कुछ अध्यापक टीजीटी पदों पर पदोन्नति ले चुके हैं। अब सरकार ग्रामीण विद्या उपासकों पर ऐसी शर्तें थोप रही है। डाइट से करवाए गए प्रशिक्षण पर विभाग प्रश्न चिन्ह लगा रहा है।
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यदि डाइट के प्रशिक्षण मान्य नहीं हैं तो डाइट की क्या आवश्यकता है। सरकार को ऐसे प्रशिक्षण संस्थान बंद कर देने चाहिए। करोड़ों रुपये सरकार इन प्रशिक्षण संस्थानों पर खर्च कर रही है। शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सरकार अध्यापकों पर नए नियम थोप रही है। ऐसे नियम लागू करना शिक्षा और शिक्षक हित में नहीं है। केंद्र और राज्य सरकार को अध्यापक हित के लिए समय रहते सही फैसला लेना होगा अन्यथा शिक्षक संघ धरने प्रदर्शन से भी गुरेज नहीं करेगा। इस अवसर पर जिला महासचिव राकेश चंद्र शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान जोगिंद्र मियां, कोषाध्यक्ष सतिंद्र मिन्हास, लेखाकार महेश शर्मा आदि उपस्थित थे।
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