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नी मैं नचणा श्याम दे नाल...पर झूमे श्रद्धालु
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दौलतपुर चौक (ऊना)। क्षेत्र के डंगोह खुर्द (पिरथीपुर) गांव में श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह की पूर्व संध्या पर शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। इसकी अगुवाई कथावाचक आचार्य सुरेंद्र शास्त्री और श्रीश्री 1008 महंत रमेश दास महाराज ने की।
इस अवसर पर राजेश डोगरा, बृजेश डोगरा, गगन डोगरा, अरुण, वरुण, सुशील कालिया, बृजेश शम्मी, बुद्धदेव चीना, राम गोपाल, अजय शर्मा, रणजीत, विनोद शर्मा, मोती डोगरा, त्रिलोक, केवल राणा, जीत चौधरी, संजय पुर्जा, राम कृष्ण, कैप्टन हैपी, विशाल, अब्बू, सर्वजीत उपस्थित रहे।
शोभा यात्रा कत्था फैक्टरी परिसर डंगोह खास से शुरू होकर पिरथीपुर होते हुए कथा स्थल डंगोह खुर्द पहुंची। शोभा यात्रा का जगह-जगह गांववासियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। शोभा यात्रा में मैं नचणा शाम दे नाल, बांसुरी वाले, मेरे घर शाम पधारे, शाम दी दीवानी होइ भजनों पर नाचते-गाते भक्त, भागवत रंग में रंगे भक्त, पालकी में सवार श्रीमद् भागवत, सहसा ही आकर्षण का केंद्र बन रहे थे। शोभा यात्रा के बाद व्यास की गद्दी पर विराजमान आचार्य सुरेंद्र शास्त्री ने बताया कि कलियुग में श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही कष्टों का निवारण होता है। अगर मनुष्य भागवत में बताए सद्मार्ग पर चले तो उसे पापों से मुक्ति के साथ-साथ प्रभु भक्ति एवं करुणा मिलती है। गौरतलब है कि कथा का आयोजन 23 अप्रैल तक होगा।
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इस अवसर पर राजेश डोगरा, बृजेश डोगरा, गगन डोगरा, अरुण, वरुण, सुशील कालिया, बृजेश शम्मी, बुद्धदेव चीना, राम गोपाल, अजय शर्मा, रणजीत, विनोद शर्मा, मोती डोगरा, त्रिलोक, केवल राणा, जीत चौधरी, संजय पुर्जा, राम कृष्ण, कैप्टन हैपी, विशाल, अब्बू, सर्वजीत उपस्थित रहे।
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शोभा यात्रा कत्था फैक्टरी परिसर डंगोह खास से शुरू होकर पिरथीपुर होते हुए कथा स्थल डंगोह खुर्द पहुंची। शोभा यात्रा का जगह-जगह गांववासियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। शोभा यात्रा में मैं नचणा शाम दे नाल, बांसुरी वाले, मेरे घर शाम पधारे, शाम दी दीवानी होइ भजनों पर नाचते-गाते भक्त, भागवत रंग में रंगे भक्त, पालकी में सवार श्रीमद् भागवत, सहसा ही आकर्षण का केंद्र बन रहे थे। शोभा यात्रा के बाद व्यास की गद्दी पर विराजमान आचार्य सुरेंद्र शास्त्री ने बताया कि कलियुग में श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही कष्टों का निवारण होता है। अगर मनुष्य भागवत में बताए सद्मार्ग पर चले तो उसे पापों से मुक्ति के साथ-साथ प्रभु भक्ति एवं करुणा मिलती है। गौरतलब है कि कथा का आयोजन 23 अप्रैल तक होगा।
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