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स्कूल प्रबंधन कर्मचारी को दे वित्तीय लाभ
Updated Sun, 11 Nov 2018 10:13 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना। श्रम न्यायालय धर्मशाला ने एक मामले की सुनवाई में याचिकाकर्ता को बड़ी राहत दी है। इस फैसले के आधार पर डीएवी अंबोटा स्कूल की प्रबंधन समिति को रेगुलर कर्मचारी को वित्तीय लाभ देने के आदेश दिए हैं। अधिवक्ता नंदलाल कौंडल ने बताया कि न्यायालय ने मामले की सुनवाई की और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद याचिकाकर्ता रेखा रानी के पक्ष में फैसला दिया।
गौरतलब है कि रेखा रानी डीएवी अंबोटा स्कूल में गैर शिक्षक कर्मचारी तैनात थीं। लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया गया। सेवा आयु पूरी होने के बाद कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गईं। रेखा रानी ने श्रम न्यायालय में याचिका दी कि डीएवी अंबोटा स्कूल प्रबंधन ने उन्हें रेगुलर नहीं किया और अन्य कोई लाभ नहीं दिए। जबकि स्कूल में कार्य करने वाले कर्मचारियों को हर प्रकार के लाभ मिले।
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मामले की सुनवाई करते हुए श्रम न्यायालय ने कर्मचारी के पक्ष में फैसला दिया कि कर्मचारी को नियमित और बोनस सहित अन्य सभी प्रकार के वित्तीय लाभ सेवाकाल के दायरे में दिए जाएं। श्रम न्यायालय के आदेश के अनुसार पांच साल पूरा करने वाले कर्मचारी को डीएवी स्कूल प्रबंधन वित्तीय लाभों से वंचित नहीं कर सकता है। कर्मचारी संघ के प्रधान सुनील कुमार, सचिव केवल सिंह का कहना है कि यह निर्णय कर्मचारी हित में आया है।
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डीएवी स्कूल अंबोटा प्रबंधन ने गैर शिक्षक कर्मचारियों को उनके लाभों से वंचित किया है। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया, जबकि उन्हें कोई लाभ नहीं दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने अपने जीवन के अहम समय में स्कूल में सेवाएं दीं। नौकरी के माध्यम से भविष्य सुरक्षित होने की बजाय अंधकार में चला गया। अब उन्हें श्रम न्यायालय से न्याय पाने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने डीएवी प्रबंधन समिति से मांग की है कि श्रम न्यायालय का फैसला जल्द लागू किया जाए और कामगारों को इसका लाभ दिया जाए। इस बारे में डीएवी अंबोटा स्कूल के प्रधानाचार्य नमित शर्मा ने कहना है कि यह न्यायालय का मामला है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।