{"_id":"5b1138844f1c1ba86e8b5c25","slug":"101527855236-una-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मछली का स्वाद अब दो महीने बाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मछली का स्वाद अब दो महीने बाद
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
लठियाणी(ऊना)।
मछली खाने के शौकीन लोगों को अब दो महीने का इंतजार करना पडेगा। विभागीय कानून के तहत 1 जून से 31 जुलाई तक मत्स्य आखेट पर पूर्णत: प्रतिबंध लग गया है। मत्स्य विभाग की ओर से 1 जून से 31 जुलाई तक मछली पकडने पर रोक लगाई जाती है। कुटलैहड़ विस क्षेत्र के तहत कुटलैहड़ गोविंद सागर झील में कई प्रजातियों की मछली पाई जाती है। जिनमें कतला, मिरर, कॉर्प, सिंघाडा, सिल्वर कॉर्प, राहू प्रजातियों की मछलियां पाई जाती है।
मत्स्य विभाग आदेशानुसार वर्जित काल के दौरान कोई भी मछुआरा मत्स्य आखेट नहीं करेगा एवं इस काल के दौरान कोई भी व्यक्ति ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके पकड़े जाने पर 6 माह की सजा व जुर्माने का प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक विभाग मत्स्य विभाग की ओर से 1 जून से 31 जुलाई तक के वर्जित काल के लिए व्यापक प्रबंध कर लिए गए है।
विज्ञापन
मत्स्य विभाग के लठियाणी मत्स्य अधिकारी सुरेंद्र पटियाल ने बताया कि वर्जित काल के दौरान अवैध रूप से मच्छली पकडने एवं व्यापार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। वर्जित काल के दौरान मछुआरों को विभाग की ओर से 3 हजार रुपये राहत राशी के रुप में दिए जाएंगे।
विज्ञापन
उडनदस्ते कसेंगे नकेल
मत्स्य विभाग के मत्स्य अधिकारी सुरेंद्र पटियाल ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को को कोहडरा, सोहरला, बीहडू,
अंदरोली एवं दोबड़ में चौकिया स्थापित करने के आदेश दे दिए हैं। जहां से विभागीय कर्मचारी 24 घंटे पैनी निगाह रखेंगे।
वहीं इस दौरान जल मार्ग व थल मार्ग से उडनदस्ते भी लगातार गश्त कर अवैध शिकार पर नकेल कसेंगे।